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YouTube से मिला बिजनेस का ‘कमाल’ आइडिया, आज कर रहे लाखों की कमाई

आज की बात करें तो आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म YouTube लोगों के बीच काफी ज्यादा पॉपुलर हो चुका है। काफी ज्यादा पॉपुलैरिटी होने की वजह से दुनिया भर में रहने वाले लोग अपने पसंद की वीडियोज YouTube देखा करते हैं। वीडियो देखने के बाद कुछ लोग कुछ नया करने और सीखने की चाहत में कुछ ऐसा कर जाते हैं जो कि जमाने के लिए एक मिसाल बन जाती है। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने YouTube वीडियो को देख कर अपना कारोबार शुरू किया था और आज उनकी कमाई लाखों में पहुंच चुकी है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर वह व्यक्ति ऐसा कौन सा कारोबार कर रहा है जिससे कि उनकी कमाई लाखों में पहुंच गई है। तो चलिए बताते हैं आपको इस शख्स के बारे में विस्तार से-

जानकारी के मुताबिक राजस्थान की ढाणी बामणा में रहने वाले सत्यनारायण यादव सरकारी अस्पताल में नौकरी किया करते थे। सरकारी अस्पताल में नौकरी करने वाले सत्यनारायण यादव को YouTube पर वीडियो देखना काफी ज्यादा पसंद था। इसी सिलसिले में वह एक दिन जब YouTube पर वीडियो देख रहे थे उस दौरान उन्होंने एक वीडियो में मोती बनाने की प्रक्रिया देखी। मोती बनाने की प्रक्रिया को देखने के बाद उन्होंने मोती बनाने का फैसला कर लिया। मोती बनाने का फैसला करने के बाद वह 15 दिनों की ट्रेनिंग हासिल करने के लिए ओडिशा चले गए। ओडिशा से वापस आने के बाद उन्होंने 10,000 रुपए से अपने बिजनेस की शुरुआत की।

मात्र 10 हजार रुपए की छोटी सी रकम से अपने बिजनेस की शुरुआत करने वाले सत्यनारायण की माने तो अगर आप 500 से 600 मोती बनाना चाहते हैं तो ऐसे में आप को कम से कम 25000 से 30000 रुपए इन्वेस्ट करना पड़ता है। इतने रुपए इन्वेस्ट करने के बाद आपको 8 से 10 महीने तक का इंतजार भी करना पड़ता है। 8 से 10 महीने का इंतजार करने के बाद ही आपको मोती मिलते है। 8 से 10 महीने के इंतजार के बाद बने एक मोती की कीमत बाजार में लगभग 300 रुपए के आसपास हुआ करती है। ऐसे में अगर आप 8 से 10 महीने में 500 मोती निकालने में कामयाब रहते है तो आपकी डेढ़ लाख रूपय की कमाई हो जाती है। अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर मोती का निर्माण कैसे होता है। तो चलिए बताते हैं आपको इसके बारे में भी.

मोती के निर्माण की विधि

बात अगर मोती के निर्माण की विधि की करें तो मोती के निर्माण की विधि बहुत ही ज्यादा आसान होती है। आपको इसके लिए अपने घर में सबसे पहले एक होज बनाना होता है और उस होज में केरल, गुजरात, हरिद्वार जैसे जगहों से शिप को लाकर डालना होता है। शिप को डालने के बाद एक सर्जिकल टूल की मदद से सीप में चीरा लगाकर 4 से 6 मिलीमीटर डायमीटर वाले साधारण और डिजाइनदार बीड डाले जाते हैं।

ऐसा करने के बाद शिप को बंद कर दिया जाता है। 8 से 10 महीने तक उसी अवस्था में रहने देने के बाद शिप को चीरकर उससे मोती निकाल लिया जाता है। उन मोतियों का इस्तेमाल झूमर, स्टैंड, डिजाइनिंग दीपक इत्यादि को बनाने में किया जाता है। इसके साथ ही साथ मोतियों के कवर को पाउडर के रूप में पीसकर आयुर्वेदिक दवाएं भी बनाई जाती है।

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