उत्तर प्रदेश

योगी सरकार ने आठ हजार करोड़ रूपये का दूसरा अनुपूरक बजट किया पेश

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लखनऊ 19 दिसम्बर (वार्ता) विपक्ष के हंगामे और शोरशराबे के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को चालू वित्तीय वर्ष में 8,054.49 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनुपस्थिति में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने सदन के पटल पर वर्ष 2018-19 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) सदस्यों ने जमकर शोरशराबा किया और वेल पर आकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। सपा सदस्यों के साथ ही बसपा और कांग्रेस के सदस्य भी कानून व्यवस्था, महंगाई और किसानों की खस्ताहालत का आरोप लगाकर पोस्टर लहरा रहे थे।
सरकार ने साल के दूसरे अनुपूरक अनुदान में पंचायती राज विभाग के अन्तर्गत स्वच्छ भारत अभियान के लिये तीन हजार करोड़ रुपए की मांग की गई है जबकि ऊर्जा विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 3894 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। इसके अलावा दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिये 2935.13 करोड़ रुपये,आईपीडीएस योजना के लिये 700 करोड़ रुपये तथा यूपीपीसीएल को उदय योजना के अन्तर्गत क्षतिपूर्ति अनुदान के लिये 258.88 करोड़ रुपये की मांग बजट में की गई है।
नगर विकास विभाग के अन्तर्गत कुम्भ मेले के लिये 100 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि कुम्भ मेले के आयोजन के लिये मूल बजट में 1500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी। साथ ही, प्रथम अनुपूरक के माध्यम से 800 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया था। इस प्रकार कुम्भ मेला-2019 के लिए अब तक 2300 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था की जा चुकी है।

नागरिक उड्डयन विभाग के अन्तर्गत जेवर में एयरपोर्ट की स्थापना के लिये 300 करोड़ रुपये तथा अयोध्या में हवाईअड्डा की स्थापना के लिये 200 करोड़ रुपये की मांग की गई है। इसकी अनुमानित लागत 641 करोड़ रुपए है। जेवर एयरपोर्ट की स्थापना के लिये भूमि क्रय के लिए आवश्यक 2500 करोड़ रुपए के सापेक्ष 2200 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। अवशेष की व्यवस्था के लिए अनुपूरक मांग प्रस्तावित की गई है।

पुलिस (गृह) विभाग के अन्तर्गत ग्राम प्रहरी को बढ़ी हुई दर पर मानदेय भुगतान के लिये 48 करोड़ रुपये तथा नए अग्नि शमन केन्द्र की स्थापना के लिये पांच 05 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। कार्मिक विभाग के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा करायी जाने वाली परीक्षाओं के लिये 40 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके निर्माण के लिए चिकित्सा (चिकित्सा, शिक्षा एवं प्रशिक्षण) विभाग के अन्तर्गत 10 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग का प्रस्ताव है। लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत केन्द्रीय सड़क निधि (चालू कार्य) के लिये 200 करोड़ रुपये, ग्रामीण सेतुओं के निर्माण (चालू कार्य) के लिये 50 करोड़ रुपये, रेलवे उपरिगामी सेतु (चालू कार्य) के लिये 45 करोड़ रुपये तथा नावों के पुल नौका घाट के लिये पांच करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। 

ज्ञातव्य है कि केन्द्रीय मार्ग निधि योजना के चालू कार्यों के लिये 2000 करोड़ रुपए की व्यवस्था मूल बजट में की गई थी। द्वितीय अनुपूरक के माध्यम से इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी के कार्यों को पूर्ण किए जाने के लिये धनराशि की मांग प्रस्तावित की गई है। लोक निर्माण विभाग (राज्य सम्पत्ति निदेशालय) के अन्तर्गत राज्य सम्पत्ति विभाग के विभिन्न भवनों के विद्युत देयों के भुगतान के लिए 22 करोड़ रुपये की भी मांग की गई है।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अन्तर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों के मानदेय के लिये 25 करोड़ रुपये की मांग की गई है। वन विभाग के अन्तर्गत पौधशाला प्रबन्धन योजना (उत्तर प्रदेश आकस्मिकता निधि से लिए गए अग्रिम की प्रतिपूर्ति) के लिये 70 करोड़ रुपये तथा सामाजिक वानिकी (जिला योजना) योजनान्तर्गत नया अग्रिम मृदा कार्य के लिये (उत्तर प्रदेश आकस्मिकता निधि से लिए गए अग्रिम की प्रतिपूर्ति) के लिये 30 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
गौरतलब है कि 2018-19 के लिए राज्य सरकार द्वारा चार लाख 28 हजार 384 करोड़ 52 लाख रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया था। पिछली अगस्त में 34 हजार 833 करोड़ 24 लाख रुपए का प्रथम अनुपूरक अनुदान पारित कराया गया था। इस प्रकार मूल बजट तथा प्रथम अनुपूरक अनुदान के माध्यम से कुल मिलाकर 04 लाख 63 हजार 217 करोड़ 76 हजार रुपए का प्राविधान किया गया है। प्रदेश के विकास के लिये कतिपय योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिये पुनः विधान सभा में आठ हजार 54 करोड़ 49 लाख रुपए का द्वितीय अनुपूरक अनुदान प्रस्तुत किया गया है।

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