जरा हट के

जुड़वां बच्चे आने का इंतजार कर रही थी लड़की, तभी डॉक्टर ने बताई खौफनाक सच्चाई !

इसमें कोई शक नहीं कि किसी भी महिला और पुरुष के लिए उनके जीवन का वो सबसे खूबसूरत पल होता है, जब उन्हें पता चलता है, कि वो माता पिता बनने वाले है. बरहलाल कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में रहने वाले लिसा हेनसेन और डैरेन को भी ऐसी ही ख़ुशी मिली, जब उन्हें पता चला कि वो एक नहीं बल्कि जुड़वा बच्चो के माता पिता बनने वाले है. मगर उनकी ये ख़ुशी तब मातम में बदल गयी जब डॉक्टर ने प्रेग्नेंसी के अठारहवे हफ्ते उन्हें अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट दिखाई. हालांकि ये रिपोर्ट मिलने से पहले वो दोनों काफी खुश थे. ऐसे में कुछ हफ्तों तक उन्होंने अपनी खुशिया सेलिब्रेट भी की.

पर इसके बाद जब अठारहवे हफ्ते लिसा को चेकअप के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया तो एक कड़वा सच उनके सामने आया. जी हां दरअसल डॉक्टर ने जब उनका अल्ट्रासाउंड किया तो एक बेहद चौंकाने वाला नतीजा सामने आया. इस दौरान डॉक्टर ने बताया कि दोनों बच्चो के जुड़वा होने के साथ साथ उनका नाल और अमनीओटिक कोशिका भी एक ही है, जो अलग अलग होना बहुत जरुरी है. ऐसे में दोनों बच्चो की जान को खतरा हो सकता है. जिसके चलते डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी कि इससे पहले ये प्रेग्नेंसी अधिक खतरनाक हो जाए, इनका अबॉर्शन करवा लेना ही सही है.

इसके इलावा डॉक्टर ने ये भी बताया कि दोनों बच्चो की झिल्ली भी अलग अलग नहीं है. यहाँ तक कि उनकी नाभि को भी अलग नहीं किया जा सकता था. जब डॉक्टर ने उन दोनों को ये सच्चाई बताई तो दोनों के होश ही उड़ गए. वही लिसा इस अबॉर्शन के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी. ऐसे में करीब पांच महीने बाद लिसा की हालत बिगड़ने लगी. जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया. यहाँ लिसा को कड़ी निगरानी में रखा गया था, क्यूकि जैसे जैसे बच्चो का साइज बढ़ रहा था, वैसे वैसे हालत और गंभीर होती जा रही थी.

मगर वो कहते है, न कि मारने वाले से बड़ा तो बचाने वाला होता है. जी हां बता दे कि करीब 31 हफ्ते बाद लिसा ने दो स्वस्थ बच्चियों को जन्म दिया. हालांकि इस दौरान दोनों बच्चियों की काफी केयर करनी पड़ी और लिसा को भी काफी दिनों तक हॉस्पिटल में रहना पड़ा. पर चौदह हफ्तों बाद लिसा के साथ दोनों बच्चियों को भी डिस्चार्ज कर दिया गया, जिसके बाद लिसा और डैरेन ख़ुशी से अपनी बच्चियों के साथ अपना जीवन जीने लगे.

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