राजनीति

मोदी ने अमित शाह को क्यों बनाया गृहमंत्री, ये है पीछे की पूरी प्लानिंग

आखिर क्या वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को इस बार अपनी सरकार में शामिल कर लिया. शामिल किया तो किया, साथ में सरकार में दूसरे नंबर का ओहदा भी दे दिया. गृह मंत्रालय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी. क्यों ? इस सवाल का जवाब एक नहीं बल्कि तीन हैं. जी, मोदी ने तीन खास वजहों के कारण अमित शाह को अपने बगल की कुर्सी दी है. क्या हैं वो तीन वजह, हम आपको विस्तार से बताते हैं.

जम्मू-कश्मीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने सबसे बड़ी चुनौती जम्मू-कश्मीर का आतंकवाद है. यह उनके पहले कार्यकाल में नासूर बना था. पाकिस्तान की शह पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं. इसके लिए जितनी बड़ी जरूरत नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान पर आतंकवाद को शह न देने पर दबाव बनाने की है, उससे कहीं बड़ी जरूरत जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज, आंदोलनकारी और विघटनकारी, अलगाववादियों को काबू में रखने की है.

अमित शाह की छवि इसके लिए बिल्कुल उपयुक्त है. प्रधानमंत्री को भरोसा है कि अमित शाह के कार्यभार संभालते ही जम्मू-कश्मीर से लेकर पाकिस्तान में चल रहे आतंकी संगठनों तक इसका सकारात्मक संदेश जाएगा. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35ए को लेकर भाजपा ने देश से एक वादा किया है. इसके लिए भी अमित शाह से अच्छा चेहरा प्रधानमंत्री के पास नहीं है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा जम्मू-कश्मीर के लद्दाख के हित को भी जोड़ती है. गृह मंत्री अमित शाह इसे अमली जामा पहनाने में सक्षम हैं.

नक्सल

नक्सल क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे और खुफिया सेवा से 2017 में रिटायर हुए वरिष्ठ अफसर की मानें तो अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने से नक्सल समस्या को नियंत्रित करने में आसानी होगी.

अमित शाह सख्त हैं. उन्हें कड़े होमवर्क के साथ सख्ती से लागू कराने वाले चेहरे के तौर पर जाना जाता है.

एनआरसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली सरकार में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण ने आकार लेना शुरू किया है. ज्वलंत मुद्दा है. पूर्वोत्तर और खासकर असम के इतिहास से इसकी जड़े जुड़ी हैं. भाजपा बांग्लादेश के अनाधिकृत रूप से रह रहे विदेशियों को लेकर लगातार संवेदनशील रही है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्य एजेंडे में है.

असम विधान सभा के पिछले चुनाव में भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया था. इस साल वहां चुनाव भी होना है. भाजपा के कुछ बड़े नेता बिना नाम छापने की शर्त पर कहते हैं कि इस जटिल स्थिति से अमित शाह के अलावा बहुत कम लोग पार पा सकते हैं. उनका केंद्रीय गृह मंत्री बनना ही पर्याप्त है.

 

 

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