धर्म

मोदी की शपथ के वक्त का ज्योतिष कनेक्शन, देश की किस्मत बदल देगा वृश्चिक लग्न !

लोकसभा चुनाव 2019 में जबर्दस्त वापसी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को दूसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. राष्ट्रपति भवन के प्रागंण में होने वाले समारोह में पीएम के साथ करीब पांच दर्जन मंत्री भी शपथ लेंगे. इस शपथ ग्रहण के लिए पीएम ने शाम 7 बजे का वक्त चुना है. मोदी की इस शपथ ग्रहण के वक्त को जानकर काफी लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हमेशा दोपहर 12 बजे के विजय मुहूर्त में और 2014 में 26 मई को शाम 6.00 बजे शपथ लेने वाले पीएम मोदी ने इस बार शपथ के लिये शाम 7.00 बजे का समय क्यों चुना है ? तो इसकी वजह है- ज्योतिष.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 7 बजे जब शपथ ले रहे होंगे तब वृश्चिक लग्न उदय हो रहा होगा जो कि संयोग से उनका जन्म लग्न और उनकी जन्म राशि भी है. ज्योतिष कहता है कि वृश्चिक लग्न की शपथ ग्रहण कुंडली के लग्न में बैठे गुरु पंचमेश हैं और उन पर सप्तम भाव से दशमेश सूर्य और अष्टमेश बुध की दृष्टि मिले-जुले प्रभाव वाली रहेगी. फ़िलहाल प्रधानमंत्री मोदी और भारत दोनों की कुंडलियों में चन्द्रमा की महादशा है और मोदी सरकार के शपथ ग्रहण के समय चन्द्रमा मीन राशि में होकर गुरु से दृष्ट होंगे जो कि एक बड़ा राजयोग भी माना गया है.

शपथ ग्रहण पर समय योग और ग्रहों की दशा

शपथ ग्रहण के समय शिक्षा और मनोरंजन के पंचम भाव में बैठे चन्द्रमा पर गुरु की दृष्टि होगी. प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण के समय चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में हैं. यह शिक्षा, खेल-कूद और मनोरंजन के कारक ग्रह बुध का नक्षत्र है.

आज शपथ के दिन याने गुरुवार को मध्याह्न से पूर्व पंचक भी है. इसके बाद 01 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल है, चौघड़िया के हिसाब से 3 बजकर 55 मिनट से अशुभ काल चौघड़िया शुरू हो रहा है जो शाम 5 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगा. शुभ चौघड़िया यही से शुरू होगा और शाम 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. मतलब, 30 मई को संध्या का समय ही शुभ है.

सूर्यास्‍त से लगभग 24 मिनट पहले के समय को ‘गोधूलि’ महूर्त कहा जाता है जो अशुभ योगों को दूर रखने वाला माना गया है. इसी समय आजाद भारत और प्रधानमंत्री मोदी दोनों की कुंडली के 2/8 के अक्ष पर सभी अशुभ ग्रहों जैसे शनि, केतु, मंगल और राहु का प्रभाव है जो कि किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा और बड़े राजनेता के साथ अनहोनी का संकेत भी दे रहा है.

देश की जनता पर क्या होंगे प्रभाव?

सरकार को अगले कुछ महीनों में असामान्य मानसून, किसी बड़े नेता के साथ अनहोनी और प्राकृतिक आपदाओं की वजह से कठिन स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. यह देश में उच्च शिक्षा के नए केंद्र, होटल, पार्क, अस्पताल, दवा-केंद्रों की बड़े पैमाने पर केंद्र सरकार की ओर से स्थापना किये जाने का संकेत देता है.

ज्योतिष के अनुसार मोदी सरकार नए एयरपोर्ट, रेलवे की सुविधा पर अधिक खर्च करेगी. इस योग के प्रभाव से अगले कुछ महीनों में केंद्र सरकार हजारों की संख्या में रिक्त पदों को भरने के लिए नई नौकरियां निकल सकती है लेकिन प्रक्रिया में विवाद के आसार भी है. हालांकि, किसानों की स्थिति सुधरने में अभी भी समय लगेगा.

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