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मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी, अब भारत लाया जायेगा भगोड़ा माल्या…

Vijay Mally Extradition

जिस पल का सरकार को बरसो से इंतजार था वो आज ख़त्म हो गया. बताते चले भारतीय बैंकों का पैसा लेकर भागे भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या के केस में मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी मिली है. लंदन की कोर्ट ने माल्या के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है. हालांकि अभी माल्या के पास इस फैसले के खिलाफ 14 दिन के अंदर ऊपरी अदालत में अपील करने का विकल्प है.

विजय माल्या पर षड़यंत्र, धोखेबाजी और मनी लॉन्डिरिंग के आरोप सिद्ध हो गए हैं। राजनैतिक एजेंडा की बात को कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया है। विजय माल्या के लिए भारत की जेल ठीक हैं। अभी विजय माल्या के पास जमानत की अर्जी का विकल्प भी है। विजय माल्या के पास ऊंचे कोर्ट में अर्जी देने का भी विकल्प है। विजय माल्या का ट्रायल पिछले साल 4 दिसंबर को शुरू हुआ था।

इसके अलावा सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लंदन कोर्ट की मंजूरी मिलना भारत सरकार की बड़ी जीत है. जनवरी के आखिरी तक विजय माल्या को भारत वापस लाया जा सकता है. कोर्ट ने माल्या को ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 15 दिन का समय दिया है. इससे सीबीआई का मनोबल भी बढ़ेगा. इससे जांच एजेंसियां अपने काम को लेकर फ्री महसूस करती हैं. पहले की तरह जांच एजेंसियों के क्रियाकलापों में कोई रोड़ा नहीं है.

लंदन कोर्ट में सुनवाई से पहले क्या बोला माल्या?

लंदन में कोर्ट की सुनवाई में जाने से पहले मीडिया से बातचीत में माल्या ने कहा, ‘मैंने किसी का पैसा नहीं चुराया. मैंने बैंकों का पूरा पैसा चुकाने की बात की थी. बकाया चुकाने का प्रत्यर्पण से कोई लेना-देना नहीं है.’ माल्या ने पुरानी बातों को दोहराते हुए कहा कि उसने कर्नाटक हाईकोर्ट में सेटलमेंट की पेशकश की थी.

माल्या ने कहा कि कोर्ट जो भी फैसला देगा, उसे उसकी लीगल टीम देखेगी. उसके बाद ही आगे का कदम उठाया जाएगा. माल्या ने कहा, ‘हमने जमा पैसे कर्मचारियों को देने के लिए कोर्ट में कई आवेदन दिए हैं. अगर कोर्ट हमारे प्रस्ताव को स्वीकार करने को तैयार है, तो मैं कर्मचारियों को भुगतान करने का  इच्छुक हूं.’

मिशेल के प्रत्यर्पण से कोई लेना-देना नहींः माल्या

माल्या ने कहा कि इसका मिशेल के प्रत्यर्पण से कोई लेना-देना नही है. माल्या ने दलील दी कि हर प्रत्यर्पण अलग होता है. किसी एक केस को दूसरे से मिलाना ठीक नहीं है. लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में होने वाली इस अहम सुनवाई में शामिल होने के लिए भारत की ओर से CBI के ज्वाइंट डायरेक्टर ए साई मनोहर के नेतृत्व में सीबीआई और ईडी की टीम रविवार को ही लंदन रवाना हो गई थी.

किंगफिशर एयरलाइन्स के मालिक रहे 62 वर्षीय विजय माल्या पिछले साल अप्रैल से बेल पर हैं. अभी तक सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा इस सुनवाई में शामिल हो रहे थे, लेकिन विवाद के बाद अस्थाना से सभी अधिकार वापस लेते हुए उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है. माल्या पर तकरीबन 9 हजार करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप है.

इससे पहले विजय माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि वे बैंकों का पूरा पैसा लौटाने के लिए तैयार है, लेकिन उसने कहा था कि वो मूलधन देने को तैयार है.

क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण के बाद भारत को उम्मीद है कि माल्या को भी उसे सुपुर्द कर दिया जाएगा. मिशेल के प्रत्यर्पण के कुछ ही घंटे के बाद माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि उसका मामला बिलकुल अलग है. प्रत्यर्पण पर उसने मीडिया को दोषी ठहराते हुए कहा कि उसे जबरन दोषी ठहराया जा रहा है. माल्या ने कहा कि मेरा मामला अलग है और यह अपनी कानूनी कार्रवाई पूरी करेगा. जहां तक बैंकों के पैसों की बात है तो मैंने इसे पूरा 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश की है. मैं पूरी विनम्रता से बैंक और सरकार से कहता हूं कि वे पैसा ले लें. अगर मेरी पेशकश को अस्वीकार कर दिया गया तो क्यों?

विजय माल्या ने कहा था कि नेता और मीडिया लगातार मुझे डिफॉल्टर बताते हुए कह रहे कि मैं बैंकों का पैसा लेकर भाग गया हूं. ये सब गलत है. मेरे कर्नाटक हाईकोर्ट में सेटलमेंट के प्रस्ताव की बात क्यों नहीं की जाती. माल्या ने कहा कि सभी मेरे साथ अनुचित व्यवहार कर रहे हैं. 30 साल तक किंगफिशर ने भारत में शराब का कारोबार किया. इस दौरान कई राज्यों की मदद भी की. किंगफिशर एयरलाइंस सरकार को भी भरपूर भुगतान कर रही थी. लेकिन इस शानदार एयरलाइंस का दुखद अंत हुआ. फिर भी मैं बैंकों का भुगतान करना चाहता हूं जिससे उन्हें कोई घाटा न हो. माल्या ने कहा कि प्लीज मेरा ये ऑफर स्वीकार करें.

विमान के ईंधन में हुई बढ़ोत्तरी को किंगफिशर के बर्बाद होने का कारण बताते हुए माल्या ने कहा कि किंगफिशर एक शानदार एयरलाइंस थी, जिसने क्रूड ऑयल की 140 डॉलर प्रति बैरल के उच्चुतम कीमत का सामना किया.

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