उत्तर प्रदेश

हादसा या साजिश: उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के साथ नहीं थे सुरक्षाकर्मी, ट्रक के नंबर प्लेट पर पुती थी कालिश

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित उन्नाव गैंगरेप केस की पीड़िता रविवार को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई. कार और ट्रक की टक्कर में पीड़िता की चाची व मौसी की मौत हो गई, जबकि उनके वकील महेंद्र सिंह चौहान की भी हालत नाजुक है. ये वही पीड़िता है, जिसके गैंगरेप के इल्जाम में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर कई महीनों से जेल में बंद हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता अपने परिवार और वकील के साथ जेल में बंद चाचा से मिलने रायबरेली जा रही थी. इस दौरान बारिश के बीच रास्ते में एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मारी. बताया जा रहा है कि ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था, और भिड़ंत इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए.

जिन हालातों में पीड़िता इस हादसे की शिकार हुई, उनको देखते हुए इस एक्सीडेंट के पीछे साजिश नजर आ रही है. दरअसल जिस ट्रक से रायबरेली में पीड़िता की कार को टक्कर मारी गई है. उस ट्रक के नंबर प्लेट पर ग्रीस पुती हुई थी. इस वजह से ट्रक के नंबर को पढ़ा नहीं जा सकता है.

पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया है. नंबर प्लेट पर ग्रीस क्यों पोती गई इसकी जांच चल रही है. पुलिस का कहना है कि अक्सर आरटीओ से बचने के चक्कर में ओवरलोड ट्रक वाले नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करते हैं. लेकिन यहां एक और इत्तेफाक ये है कि ये ट्रक पूरी तरह से खाली थी. ऐसे में नंबर प्लेट पर लगी ग्रीस कई शक पैदा करती है.

इसके अलावा एक सवाल ये भी है कि हादसे के वक्त पीड़िता के साथ कोई भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था. जबकि पीड़िता को प्रशासन की तरफ से करीब 10 सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए गए थे. हालांकि, इस पर आईजी ने कहा कि रेप पीड़िता की कार में जगह नहीं होने के कारण उनके साथ गनर नहीं जा पाए थे.

Back to top button