उत्तर प्रदेश

यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड का हुआ पर्दाफाश

पुलिस की हिरासत में आरोपी।

० विश्वविद्यालय का बर्खास्त बाबू निकला गिरोह का सरगना
० कई विश्वविद्यालयों के कर्मचारी भी पुलिस के रडार पर
लखनऊ। राजधानी पुलिस ने विश्वविद्यालयों की फर्र्जी मार्कसीट, डिग्री और परीक्षाओं में अंक बढ़वाने के नाम पर करोड़ो रूपये की ढगी करने वाले गिरोह के सरगना समेत आधा दर्जन लोगों गिरफ्तार किया है। गिरोह का जाल दिल्ली समेत कई अन्य विश्वविद्यालयों में फैला हुआ था। इसके अलवा गिरोह के लोगों ने कई विश्वविद्यालयों के सैकड़ो फर्जी मार्कशीट बना लोगों से लाखों रूपये ऐठ चुका है। इस गोरख धंधे को एक विश्वविद्यालय का बर्खास्त बाबू तथा एक स्कूल के प्रिंसपल सहित 6 लोग शामिल थे। पुलिस ने इनके पास पर्जी मार्कशीट, ब्लू टयूबलेशन चार्ट,  परीक्षा नियत्रंक का लेटर पैड, कई विश्वविद्यालयों का मोनोग्राम, लैपटाप स्कैनर बरामद किया है।
एसपी ट्रासं गोमती अमित कुमार ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड एक यूनिवर्सिटी का बर्खास्त बाबू था जो बड़े ही हाईटेक तरीके से इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। ये लोग लगभग 250 से अधिक फर्जी मार्कशीट बना कर कई करोड़ रुपए इस गिरोह ने  लोगों का हड़पा है।  यह गिरोह यूनिवर्सिटी के कई लोगों की सांठगांठ से अपना फर्जीवाड़े का धंधा चला रहा था अब पुलिस की रडार पर ऐसे लोग है जो सरकारी पद पर रहते हुए इस पूरे फर्जीवाड़े में सहयोग कर रहें थें। इस पूरे खुलासे में टीजी स्कॉट टीम के साथ हसनगंज पुलिस शामिल थी। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में पुलिस ने छापेमारी के दौरान खदरा स्थित मकान से  कई फर्र्जी मार्कशीट, कंट्रोलर ऑफ़  इग्जामनेशन का सदा लिफाफा,  विश्वविद्यालय के छाया मोनोग्राम,  परीक्षा नियंत्रक का लेटर पैड सहित कई चीज़ अभियुक्तो के पास से बरामद की है।
उन्होंने बताया कि  कल हसनगंज में एक मुकदमा दर्ज किया गया था जिसमें  फर्जी मार्कशीट बना कर ठगने का मामला सामने आया था। इस मामले में हसनगंज पुलिस औऱ ट्रांसगोमती कि स्कॉट टीम को लगाया गया जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सका। उन्होंने बताया कि इस फर्जीवाड़े में कई विश्वविद्यालयों के कर्मचारी भी शामिल है जिनकी सलिप्ता की जांच कराई जा रही है। दोषी पाये जाने पर उनके विरूद्घ भी कार्रवाई की जायेगी।
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