देशराजनीति

उमा ने खोला गहरा राज, बताया किसके कहने पर राजनीति में रखा कदम…

Image result for उमा भारती

हमीरपुर । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने मंगलवार को स्वामी ब्रह्मानंद महाराज की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर माथा टेका। इसके बाद उन्होंने देर रात मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि उनका स्वामी जी से दादा पोती का रिश्ता था।

स्वामी जो भारत छोड़कर गये हैं, हम उससे अच्छा और सुन्दर भारत बनायेंगे जहां कोई भ्रष्टाचार नहीं होगा।
जिले के राठ कस्बे में मंगलवार को विख्यात एवं संत स्वामी ब्रह्मानंद महाराज के 124 वें जन्मोत्सव पर आयोजित समारोह में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती प्रोटोकाल से 11 घंटे बाद पहुंची। उन्होंने रात में सबसे पहले स्वामी जी की समाधि पर माथा टेका फिर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद दीया जलाया।

उन्होंने बताया कि स्वामी से उनका रिश्ता दादा पोती की तरह था। जब मैं छोटी थी तब स्वामी जी से हर पहलुओं पर बातें करती थी। उमा भारती ने बताया कि संत वह नहीं जो जंगल भाग जाता है। संत तो ऐसा होना चाहिये जो समाज के लिये काम करे। स्वामी जी की बदौलत ही यहां शिक्षा के संस्थान खड़े हैं। उन्होंने देश की तरक्की के लिये सभी को योगदान करने का आवाहन करने के साथ ही बताया कि स्वामी जी जैसा भारत छोड़कर गये हैं, हम उससे अच्छा और सुन्दर ऐसा भारत बनायेंगे कि जहां कोई भ्रष्टाचार नहीं होगा।

पैसे कमाने वालों से राजनीति होती है खराब
केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने बताया कि जब वह छोटी थी तब स्वामी जी उनसे कहते थे कि तुम राजनीति में आ जाओ। तब स्वामी जी से कहा था कि राजनीति तो बहुत खराब होती है। उनके सवाल के जवाब में स्वामी जी ने यही कहा था कि पैसे कमाने वाले राजनीति में आते हैं तो राजनीति खराब करते हैं। जो गरीबों की सेवा के लिये राजनीति में आते हैं उनसे तो राजनीति पवित्र होती है।

स्वामी जी की तरह मोदी भी करते हैं दिन रात काम

उमा भारती ने स्वामी जी की समाधि स्थल पर बताया कि हमने मोदी जी से पूछा था कि आप दिन रात काम करते हो थकते नहीं है। तब मोदी जी ने उनसे कहा कि काम और आराम के घंटे आप लोग तय करते हो क्योंकि काम में तनाव है और आराम में प्रसन्नता है। उन्हें काम करने से ऊर्जा मिलती है और इसी से आराम मिलता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यही बातें हमने स्वामी जी और मोदी से सीखी है और उसे अपने जीवन में उतारने कर समाज के लिये काम कर रही है।

नदियों की तरह नौजवानों को तय करना चाहिये लक्ष्य

केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने नौजवानों कहा कि दुनिया में सबसे बड़ी ताकत युवाओं के पास है वह भारत वर्ष में है। नौजवानों के सामने दो रास्ते होते हैं। एक रेल का दूसरा नदी का। रेल को चलाने के लिये सुविधाओं की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि बिना सुविधाओं के रेल नहीं चल पाती है लेकिन नदी बिना सुविधा के भी अपना रास्ता बना लेती है। उन्होंने बताया कि आप लोग पूरी दुनिया में कब्जा करे मगर रेल की तरह नहीं नदी की तरह।

Back to top button