उत्तर प्रदेश

यूपी में अब लोकसभा चुनाव की तैयारी, भाजपा ने बनाया नया प्लान

लखनऊ,।   विधानसभा चुनाव से फुर्सत पाकर नेताओं ने अब अपना ध्यान सर्वाधिक लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश पर केन्द्रित कर दिया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस समेत सभी दलों के नेताओं के ताबड़तोड़ कार्यक्रम इस राज्य में लग रहे हैं। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के संभावित गठबन्धन और हाल ही में विधानसभा चुनाव परिणामों से उपजे राजनीतिक समीकरणों की काट के लिये भाजपा हर स्तर पर तैयारी करते दिख रही है। वर्ष 2014 के चुनाव में 73 सीटें जितवाकर भाजपा को सत्ता के शिखर पर पहुंचाने वाले उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह पूरी ताकत लगा रहे हैं।मोदी आगामी 16 दिसम्बर को रायबरेली आ रहे हैं। कांग्रेस का गढ़ रायबरेली श्रीमती सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र है। इसी क्षेत्र से प्रधानमंत्री रही इन्दिरागांधी और उनके पति फिरोज गांधी भी सांसद हुआ करते थे। श्री मोदी रेलवे कोच फैक्टरी में रेल के डिब्बे बनने की शुरूआत करायेंगे। इस कारखाने में मेट्रो रेल के भी डिब्बों का निर्माण किया जायेगा। प्रधानमंत्री प्रयागराज भी जायेंगे, जहां वह कुम्भ मेले के लिये तैयार कई परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। 

मोदी गंगा पूजन करेंगे। वह लेटे हनुमानजी का दर्शन करेंगे। वह साधु संतो से भी मुलाकात करेंगे। प्रयागराज में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र पाण्डेय को आवश्यक निर्देश दे सकते हैं।भाजपा अध्यक्ष अमितशाह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिन 25 दिसम्बर को लखनऊ आयेंगे। वह पदाधिकारियों से बातचीत करेंगे। भाजपा के सहयोगी दलों सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और अपना दल नेताओं से भी मुलाकात सम्भावित है।श्री शाह समवैचारिक संगठनों से भी मिल सकते हैं।  भाजपा के साथ ही प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पदाधिकारियों की 18 दिसम्बर को बैठक बुलायी है। सपा के एक नेता ने बताया कि बैठक में बूथ स्तर की तैयारियों की समीक्षा करने के साथ ही लोकसभा चुनाव को देखते हुये कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा सकते हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम का कहना है कि 11 दिसम्बर को विधानसभा चुनाव के आये परिणामों से सपा उत्साहित है,क्योंकि जनता ने भाजपा का अहंकार तोड़ा है। भाजपा कार्यकर्ता हतोत्साहित हुये हैं। इसका फायदा सपा को मिलेगा।

हिन्दी भाषी तीन राज्यों में जीत से उत्साहित कांग्रेस भी 80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक सीटें जीतकर भाजपा को केन्द्र की सत्ता से उखाड़ फेंकने का दंभ भरने लगी है। इस राज्य में हाशिये पर चल रही कांग्रेस में फेरबदल की अटकलें भी लगायी जा रही हैं,हालांकि इसकी पुष्टि कांग्रेस का कोई नेता करने को तैयार नहीं है। राज्य की एक और प्रमुख पार्टी बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने भी पदाधिकारियों की बैठक दिल्ली में बुलायी है, जिसमें लोकसभा चुनाव के बारे में चर्चा की जायेगी। इसके साथ ही शिवपाल सिंह यादव की नवगठित प्रजातान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोहिया) और राजा भैया का जनसत्ता दल लोकतान्त्रिक भी लोकसभा चुनाव की तैयारी करती नजर आ रही है। शिवपाल सिंह यादव ने 79 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है,जबकि जनसत्ता दल लोकतान्त्रिक के प्रतापगढ़ और कौशाम्बी सीटों पर चुनाव लड़ने की सम्भावना है। भाजपा के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धन में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और अपना दल भी चुनावी रणनीति बनाने में जुट गये हैं। अपना दल के दो सांसद हैं।

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