मायानगरी

कभी ये लड़का सैंडविच बेच करता था गुजारा, आज बॉलीवुड का सबसे बड़ा सुपरस्टार

अगर हम बॉलीवुड की बात करे तो आज हम बॉलीवुड के उस अभिनेता के बारे में बात करने जा रहे है, जिसने अपने जीवन में बेहद गरीबी देखी है. मगर आज यह एक्टर बॉलीवुड का सुपरस्टार बन चुका है. जी हां आज इनकी गिनती बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर्स में की जाती है.  बता दे कि हम यहाँ किसी और की नहीं बल्कि मोहम्मद युसूफ खान की बात कर रहे है. जिसे आज पूरी दुनिया दिलीप कुमार के नाम से जानती है. गौरतलब है कि दिलीप कुमार का असली नाम युसूफ खान है. फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले दिलीप कुमार अपने पिता के साथ फल बेचा करते थे. उनके पिता पुणे में फलों के कारोबारी थे.मगर बॉलीवुड में आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदल दिया. बरहलाल आज हम आपको दिलीप कुमार के बारे में कुछ ऐसी बातें बताएंगे, जिसके बारे में शायद ही आप जानते हो.

कई गंभीर फिल्में करते-करते दिलीप कुमार के स्वभाव पर भी इसका असर पड़ा था. उन्हें एक डॉक्टर ने सलाह दी थी कि इन किरदारों का आपके स्वभाव पर भी असर पड़ रहा है. इसलिए आप कुछ हल्के-फुल्के अंदाज वाली भी फिल्में करें.दिलीप कुमार के मधुबाला के प्यार के किस्से भी बहुत प्रचलित हैं. वह मधुबाला से फिल्म तराना के सेट पर मिले थे. बाद में खबर आई कि दोनों सगाई कर चुके हैं. लेकिन मधुबाला के पिता ने दोनों के रिश्ते को स्वीकार नहीं किया. इसलिए दोनों ने बात वहीं खत्म कर दी.

बरहलाल दिलीप कुमार का जन्म पेशावर में एक गरीब परिवार में हुआ था. यहाँ तक कि उनका परिवार भी काफी बड़ा था. गौरतलब है कि दिलीप कुमार के पिता जी घर का गुजारा करने के लिए फल बेचने का काम करते थे. मगर अचानक ही दिलीप कुमार के परिवार वालो ने मुंबई आने का फैसला किया. ऐसे में दिलीप कुमार भी अपने परिवार के साथ मुंबई आ गए. बता दे कि मुंबई में आने के बाद दिलीप कुमार ने अपने पिता जी के साथ उनके काम में हाथ बंटाना शुरू कर दिया. यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो दिलीप कुमार भी अपने पिता के साथ फल बेचने का काम करने लगे. मगर दिलीप कुमार और उनके पिता जी के बीच कुछ विवाद हो गया था. जिसके कारण वो अपने पिता जी से नाराज हो कर पुणे चले गए.

अब जाहिर सी बात है कि अपने पिता जी से अलग होने के बाद दिलीप कुमार ने पुणे में कुछ तो काम जरूर किया होगा. आपको जान कर हैरानी होगी कि पुणे जाने के बाद उन्होंने सैंडविच बेचने का काम शुरू कर दिया. हालांकि उन्हें इस काम में ज्यादा सफलता नहीं मिली. जी हां उनकी आर्थिक हालत इतनी खराब थी कि उनके पास घर चलाने के पैसे भी मुश्किल से जमा होते थे. बरहलाल पुणे में जब उनका काम नहीं चला, तो वो वापिस मुंबई आ गए. बता दे कि मुंबई आ कर जब उन्हें पता चला कि उनके घर की हालत बेहद खराब है, तो उन्होंने इधर उधर नौकरी ढूँढना शुरू कर दिया. ऐसे में अचानक उनकी मुलाकात बॉम्बे टॉकीज की मालकिन देविका रानी से हुई.

गौरतलब है कि देविका रानी ने दिलीप कुमार को देखने के बाद कहा कि उन्हें फिल्मो में काम करना चाहिए. बरहलाल दिलीप कुमार को उनकी यह सलाह काफी अच्छी लगी और उन्होंने फिल्मो में काम करने के लिए खूब मेहनत की. गौरतलब है कि दिलीप कुमार की पहली फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. मगर इसके बाद उनकी फिल्म अंदाज ने सभी दर्शको का दिल जीत लिया. इसके बाद तो दिलीप कुमार मानो बॉलीवुड में कामयाबी की सीढियाँ चढ़ते चले गए. जी हां देखते ही देखते वह बॉलीवुड के सम्राट बन गए. वही अगर हम उनके निजी जीवन की बात करे तो उन्होंने बॉलीवुड एक्ट्रेस सायरा बानो से शादी की थी.

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