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दुनिया दे रही दिवाली बोनस, लेकिन ये बैंक ले रहा वापस, आखिर क्यों?

नई दिल्ली । एक तरफ जहां दिवाली के मौके पर कर्मचारी बेसब्री से अपने बोनस का इंतजार करते हैं, वहीं दूसरी तरफ एक बैंक ऐसा भी है जहां लोगों को बोनस देने के बजाए उनसे पैसे लिए जा रहे हैं। जी हां, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा का केंद्रीय सहकारी बैंक अपने कर्मचारियों के साथ कुछ ऐसा ही कर रहा है।

हुआ ये कि बैंक से पिछले साल दिवाली का बोनस बांटने में कुछ गड़बड़ी हो गई थी जिसकी भरपाई करने के लिए अब वह इस दिवाली पर कर्मचारियों से बोनस की रिकवरी कर रहा है। दरअसल पिछले साल दिए बोनस में से 42 फीसदी वापस लिया जा रहा है। यह बोनस ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई थी गड़बड़ी का हवाला देकर वापस मांगा जा रहा है।

केसीसी बैंक एमडी केके सरोच ने बताया कि पिछले साल दिए बोनस में कुछ गड़बड़ी की वजह से ऐसा किया जा रहा है, पिछली दिवाली पर दिया गया बोनस दरअसल बैंक के नेट प्राफिट पर देना था लेकिन वह वर्ष एक्स ग्रेशिया ग्रास प्राफिट पर दे दिया था। इस गड़बड़ी का खुलासा काफी दिनों बाद हुआ जब हमने आडिट रिपोर्ट को देखा तो।

अब जबकि गड़बड़ी का पता चल चुका है तो कर्मचारियों से ज्यादा दिए गए एक्स ग्रेशिया की रिकवरी हो रही है। केके सरोच ने बताया कि, साल 2017 में दिवाली के मौके पर बैंक ने 1200 क्लर्क से लेकर अफसरों तक को वर्ष 2017 में साढ़े चार करोड़ रूपए बोनस के तौर पर एक्स ग्रेशिया दिया था, इसमें से अब 1.92 करोड़ रुपए के बोनस की बैंक प्रबंधन ने रिकवरी के लिए कर्मचारियों को नोटिस भेजे हैं।

वहीं पैसे वापस लिए जाने की खबर से कार्मचारी नाराज हो गए हैं और विरोध जता रहे हैं। बैंक कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष शरत रलहान ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि बैंक हमेशा से ही कर्मचारियों को ग्रास प्राफिट के तहत एक्स ग्रेशिया देता आया है, बोनस हमेशा ग्रास प्राफिट पर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नेट प्राफिट पर बोनस देने से कर्मचारियों को डबल टैक्स देना पड़ेगा।

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