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मोदी ने अकेले विपक्ष को नहीं दी मात, इन 10 ने दिया सबसे ज्यादा साथ

चुनाव नतीजे आने के साथ ही 21वीं सदी में पीएम मोदी ही एक बार फिर सत्ता की बदलती राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बन गए हैं. पीएम मोदी के खाते में ये रिकॉर्ड भी आ गया है कि पहले तो उन्होंने बीजेपी को पूर्ण बहुमत वाली सरकार दिलाई, फिर लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार को कायम रखा. लोग इस जीत का सेहरा अकेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिर बांध रहे हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल इस बार के चुनाव में मोदी की प्रचंड जीत में उनका साथ दिया उनकी सरकार के 10 ऐसे बड़े फैसलों ने जिन्होंने उनको देश का सबसे ज्यादा प्रिय नेता बना दिया और जनता ने इसकी तसदीक बीजेपी और एनडीए के प्रत्याशियों के सामने वाले बटन को दबा के कर दिया.

बालाकोट एयरस्ट्राइक से राष्ट्रवाद

इस चुनाव में आतंकवाद और पाकिस्तान बड़ा मुद्दा रहा. मतदान से ठीक पहले पुलवामा हमले के जवाब में आतंकियों के ठिकाने पर एयरस्ट्राइक ने वोटरों का दिल जीत लिया. पाकिस्तान की आतंकवादी करतूतों का मुंहतोड़ जवाब एक ऐसा ब्रह्मास्त्र साबित हुआ जिसने विपक्ष को निहत्था कर दिया. 2019 के चुनाव में अगर बीजेपी जीत के प्रचंड रथ पर सवार नजर आ रही है तो इसमें लोगों की ये धारणा काम कर रही है कि मोदी है तो पाकिस्तान को करारा जवाब मुमकिन है.

घर-घर शौचालय

2014 में प्रधानमंत्री बनते ही मोदी ने सबसे पहले ‘स्वच्छ भारत मिशन’ अभियान चलाया. ‘स्वच्छ भारत’ नारे के साथ मोदी सरकार ने घर-घर शौचालय बनवाने का काम शुरू किया और लोगों को 12 हजार रुपये की मदद की. मोदी सरकार की इस पहल से देश के लाखों-करोड़ों घरों में शौचालय बना और भारी तादाद में लोग खासकर महिलाओं को खुले में शौच से राहत मिली. चुनाव नतीजों में पीएम मोदी की जीत साबित करती है कि इस योजना के तहत लाभांवित परिवारों ने उनके लिए लहर पैदा की.

उज्ज्वला योजना

इस योजना के तहत मोदी सरकार ने 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त LPG कनेक्शन दिया गया. चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी समेत एनडीए के तमाम नेताओं ने इस बात को जमकर प्रचारित कियामाना जा रहा है कि जिन लोगों को इस योजना का फायदा मिला, उन लोगों ने जरूर मोदी सरकार के पक्ष में वोट किया.

आयुष्मान भारत योजना

लोकसभा चुनाव से तकरीबन 6 महीने पहले मोदी सरकार इलाज के लिए ‘आयुष्मान भारत योजना’ आई और ये योजना पीएम मोदी के लिए गेमचेंजर साबित हुई. किया. पीएम मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को 5 लाख रुपये तक का नकदी रहित (कैशलेस) स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है. पीएम मोदी की मानें तो इससे योजना से 10 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ सदस्यों को इस योजना का लाभ मिल रहा है. ऐसे में लगता है कि इस योजना के लाभांवितों ने खुलकर मोदी सरकार के पक्ष में वोट किया.

मुद्रा योजना

बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर रही. चुनाव प्रचार के दौरान जॉबलेस ग्रोथ को लेकर मोदी सरकार की कड़ी आलोचना भी हुई, लेकिन केन्द्र सरकार का दावा है कि उसने फ्लैगशिप प्रोग्राम मुद्रा के जरिए लोन देते हुए रोजगार के करोड़ों नए अवसर पैदा किया. सरकार का दावा है कि मुद्रा योजना के जरिए 13 करोड़ लोगों को कर्ज दिया गया. चुनाव नतीजों से लगता है कि जिन लोगों को मुद्रा योजना ने संवारा उन्होंने चुनाव में मोदी का साथ दिया.

सुकन्या समृद्धि योजना

मोदी सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना को बेटियों के सम्मान से जोड़ा. और जमकर इसका प्रचार भी किया. 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए उच्च शिक्षा और शादी के लिए बचत करने के लिहाज से ये योजना लॉन्च की गई. इस योजना को हर बेटी के पिता ने हाथों हाथ लिया. भारी तादाद में लोग अपनी लाडली की भविष्य के लिए इस योजना से जुड़े और आज भी जुड़ रहे हैं.

गंगा हो रही निर्मल

गंगा की सफाई और निर्मल गंगा तकरीबन-तकरीबन सभी सरकारों के लिए चुनती रहा है. विपक्ष मोदी सरकार की ‘नमामि गंगे योजना’ विफल बताती रही है, लेकिन सरकार ने गंगा किनारे बसे लोगों और गंगा में आस्था रखने वालों को हमेशा भरोसा दिया कि गंगा निर्मल हो रही है. प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान जिसने भी गंगा में डुबकी लगाई उन्होंने कहा कि गंगा निर्मल हो रही है.

सवर्ण गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण

लंबे अरसे से आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण गरीबों के लिए आरक्षण की मांग हो रही थी. मोदी सरकार ने चुनाव से ठीक पहले गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का बड़ा दांव चला. दरअसल एससी-एसटी एक्ट पर मोदी सरकार के रुख से अगड़ी जातियों में नाराजी थी और उसे इसका खामियाजा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ा था. इसके बाद मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के लोगों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में 10 फीसदी आरक्षण का ऐलान कर दिया. इसका फायदा भी उनको लोकसभा चुनाव में मिला है.

आयकर में 2. 5 लाख की छूट

अंतरिम बजट 2019 में मोदी सरकार ने मध्य वर्ग को भी तोहफा दिया. आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई. हर कोई महंगाई के इस दौर में आयकर छूट की सीमा बढ़ाने की उम्मीद कर रहा था. ऐसे में आयकर छूट की सीमा बढ़ाने से नौकरीपेशा मध्यवर्गीय परिवार को मोदी सरकार के और करीब ला दिया.

किसानों के खाते में पहुंचे पैसे

अपने अंतिम बजट में मोदी सरकार ने किसानों को खुश करने के लिए बड़ा ऐलान किया. सरकार ने इनकम सपोर्ट प्रोग्राम के तहत किसानों को 6 हजार रुपये प्रति साल मदद राशि देने का ऐलान किया और वोटिंग से पहले लोगों के खाते में 2-2 हजार रुपये की दो किस्तें पहुंच भी गई. लगता है कि जिन किसानों के बैंक खाते में ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के तहत पैसे पहुंचे, उन किसानों ने पूरे परिवार के साथ कमल पर बटन दबाया.

 

 

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