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तेलंगाना बोर्ड ने ऐसे जांचीं कॉपी, 99 अंक वाले को दिए जीरो, 21 छात्रों ने की खुदकुशी

हैदराबाद में तेलंगाना के इंटरमीडिएट बोर्ड का दफ़्तर अखाड़ा सा बन गया है. बोर्ड ने 18 अप्रैल को बारहवीं की परीक्षा के नतीजे जारी किए थे. तेलंगाना पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक नतीजों की घोषणा के बाद से 8 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. जबकि स्टूडेंट यूनियन का दावा है कि 21 छात्रों ने अपनी जान दी है. यूनियन का आरोप है कि छात्रों ने इंटरमीडिएट बोर्ड की वजह से आत्महत्या की है.

तेलंगाना बोर्ड से करीब 10 लाख छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी थी जिसमें से तीन लाख फेल हो गए थे. उम्मीद के विपरीत रिजल्ट आने के बाद बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी. इस बात को लेकर पूरे प्रदेश में कई जगह भारी विरोध प्रदर्शन भी हो रहा है. इसी बीच शिक्षा मंत्री जगदीश रेड्डी ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. ये समिति बुधवार तक रिपोर्ट पेश कर सकती है.

एक मेधावी छात्रा को परीक्षा में तेलगु विषय में 99 मार्क्स मिले थे जबकि रिजल्ट जारी होने पर उसे 0 नंबर देकर फेल रिमार्क दिया गया था. 12वीं में पढने वाली गज्जा नाव्‍या को तेलगु पेपर में 0 अंक दिए गए. लेकिन जब तेलुगू पेपर का री-इवैल्‍युएशन कराया गया तो नाव्‍या को 99 अंक मिले. नाव्‍या ने इसी विषय में पहले वर्ष 98 अंक हासिल किया था. इस वाकिये से साफ़ हो जाता है कि कैसे बोर्ड ने रिजल्‍ट तैयार करने में गड़बडि़यां की होगी.

इस सबके बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने तेलंगाना में इंटरमीडिएट की परीक्षा में कथित ‘‘गड़बड़ी” की खबरों पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था. आयोग ने कहा कि उसने छात्रों की खुदकुशी को लेकर मीडिया में आयी खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया है. आयोग ने तेलंगाना सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर इस संबंध में चार सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था.

दरअसल बोर्ड ने हैदराबाद की एक निजी कंपनी ग्लोबलरेना टेक्नोलाजी को परीक्षा से जुड़े सारे काम का जिम्मा सौंपा था. लेकिन परिणाम जारी करने में घोर लापरवाही बरती गई. जिससे 21 बच्चों की जान तक चली गई.

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