सेहत

हफ्तों से पेटदर्द से परेशान था लड़का, एक दिन टॉयलेट में पेट से निकली 5 फीट लंबी ये चीज

अमेरिका के कैलिफोर्निया स्टेट में रहने वाला एक शख्स एक दिन हॉस्पिटल पहुंचा, उसने अपने हाथ में एक पॉलीथिन बैग पकड़ा हुआ था, जिसके अंदर टॉयलेट पेपर रोल रखा हुआ था। वहां मौजूद डॉक्टर ने जब वो रोल बाहर निकाला तो उसे देख वे चौंक गए। दरअसल वो शख्स उस रोल के ऊपर एक बहुत बड़ा टेपवॉर्म लपेटकर लाया था, जो कि उसके पेट के अंदर से निकला था। उसकी लंबाई 5.5 फीट थी, जिसे देखने के बाद डॉक्टर्स खुद चौंक गए। टेपवॉर्म एक तरह पैरासाइट कीड़ा होता है, जो अधपके मीट में पाया जाता है।

ये स्टोरी अमेरिका के फ्रेस्नो शहर में रहने वाले एक शख्स की है जो कि अगस्त 2017 में फ्रेस्नो के कम्युनिटी रीजनल मेडिकल सेंटर में इलाज कराने पहुंचा था। हॉस्पिटल के डॉक्टर कैनी बेन ने हाल ही में इस मरीज की स्टोरी ‘वोंट हर्ट अ बिट’ नाम की एक सीरीज में बताई है। डॉक्टर के मुताबिक वो शख्स डायरिया की वजह से पेट में दर्द और मरोड़ की समस्या से जूझ रहा था। एक दिन वो हॉस्पिटल आया और मुझसे पेट के कीड़ों का इलाज करने को कहने लगा। फिर इसके बाद उस शख्स ने जो किया उससे डॉ कैनी हैरान रह गए। अपनी समस्या बताने के दौरान शख्स ने डॉक्टर के हाथ में एक पॉलिथिन बैग दिया था। जिसमें एक खाली टॉयलेट रोल रखा हुआ था, जिसके ऊपर कुछ लिपटा हुआ था। जब डॉक्टर ने उसे बाहर निकालकर देखा तो वो हैरान रह गया, क्योंकि उसके ऊपर एक बहुत बड़ा टेपवॉर्म कीड़ा लिपटा हुआ था। जो कि मरीज के पेट से निकला था।

मरीज ने बताया, एक दिन पेट में भयानक दर्द होने पर जब वो फ्रेश होने के लिए टॉयलेट गया, तो उसे अपने पेट से कुछ निकलता हुआ दिखा, जिसे देख पहले वो डर गया। लेकिन थोड़ी हिम्मत जुटाकर जब उसने उसे खींचना शुरू किया तो वो चीज काफी देर तक बाहर निकलती रही। वो एक तरह का कीड़ा था और हिल रहा था। शख्स के पेट से निकला वो पैरासाइट वॉर्म (परजीवी कीड़ा) 5 फीट 6 इंच यानी साढ़े 5 फीट था। डॉ बेन की सहयोगी डॉ जेसिका मेसन ने बताया कि टेपवॉर्म 40 फीट तक लंबे हो सकते हैं। ये परजीवी मरीज के पेट में ही बड़े होते जाते हैं। इसी बीच अगर वे मलद्वार तक पहुंच जाएं तो उनके बाहर दिखने की संभावना बढ़ जाती है। पेट से निकले उसी अजीबोगरीब कीड़े को खाली टॉयलेट रोल में लपेटकर वो शख्स डॉक्टर के पास लेकर गया था। उस मरे हुए कीड़े को देखने के बाद डॉक्टर ने बताया कि वो एक टेपवॉर्म था, जो कि अधपके मीट में पाया जाता है। ये परजीवी इंसानों या जानवरों के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है।

मरीज ने डॉक्टर को बताया कि उसे साल्मन मछली से बनने वाली साशिमी नाम की एक जापानी डिश खाना बेहद पसंद है, जो कि कच्चे मांस से ही बनती है। मरीज को लगा कि उसी डिश की वजह से ये उसके पेट तक पहुंचा होगा। लेकिन डॉक्टर्स ने उसे बताया कि ये सिर्फ मीट से नहीं बल्कि उसे किस तरह से पकाया गया है, इस पर निर्भर करता है। डॉक्टर्स के मुताबिक ये पैरासाइट वॉर्म इंसानों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन इसकी वजह से पेट में दर्द, मरोड़, उल्टी और डायरिया जैसी बीमारी हो सकती है। जो कि दवाइयों से ठीक हो जाती है।

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