क्राइम

सूरत अग्निकांड : बचाने वाला मसीहा ही निकला मुख्य आरोपी, पुलिस ने पकड़ा !

जो कोचिंग का संचालक है, वह बचा रहा था स्टूडेंट्स को, पकड़ा गया
सूरत के सरथाना में तक्षशिला आर्केड में शुक्रवार की शाम ट्यूशन क्लास में आग लगने की घटना में मारे गए 14 बच्चों का यहां अश्विनी कुमार श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस अवसर पर उनके परिजनों के साथ ही शहर के तमाम गण्यमान्य लोग इस अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन सभी ने इन्हें अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी।
शहर के लोगों में कोचिंग क्लास के प्रबंधकों के प्रति तीखा आक्रोश है। शुक्रवार को 12वीं कक्षा में अध्ययन कर रही छात्रा कृति की अंतिम निकाली गयी और आज उसका 12वीं कक्षा का रिज़ल्ट भी आ गया। उसके पिता ने रोते हुए कहा कि अब इस रिज़ल्ट का में क्या करूं? उससे पहले तो हमारी बच्ची अनंत यात्रा पर चल पड़ी है। आज उसी तरह एक और छात्रा हस्ति का अंतिम संस्कार किया गया।
इस बीच बताते चले मिली जानकारी के मुताबिक गुजरात में सूरत के तक्षशिला आर्केड में आग की में खुद को झोंककर जिस मसीहा ने दो लड़कियों की जिंदगी बचाई, उस भार्गव बुटानी को पुलिस ने बतौर मुख्य आरोपी पकड़ लिया है।कोचिंग सेंटर में लगी आग के वायरल हुए वीडियो में भार्गव सेंटर की तीसरी और चौथी मंजिल से कूद रहे स्टूडेंट्स को बचाने का प्रयास करते हुए दिखा। वीडियो को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स ने उसके साहस को देखते हुए हीरो कहा। मगर, जबकि अब क्राइम ब्रांच इस त्रासदी की जांच-पड़ताल और धरपकड़ में लगी हुई है, तो हैरान करने वाली बात सामने आई है।
जानकारी के लिए आपको बता दे कि भार्गव बुटानी सरथाणा जकातनाका के पास तक्षशिला आर्केड में स्मार्ट क्लासेस का संचालक है। पुलिस ने उसे इसलिए पकड़ा है, क्योंकि उसी की क्लासेस के स्टूडेंट्स हादसे का शिकार हुए हैं। इस बिल्डिंग में फायर ​सेफ्टी सिस्टम नहीं था और अंदर आग बुझाने लायक पानी भी मौजूद नहीं था। मगर, पुलिस द्वारा भार्गव की गिरफ्तारी का कई स्टूडेंट और सोशल मीडिया यूजर्स विरोध कर रहे हैं।
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