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सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष को दिया झटका- 50% VVPAT पर्चियों का EVM से नहीं होगा मिलान 

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में आज (मंगलवार) को EVM-VVPAT की पर्चियों के मिलान को लेकर अहम सुनवाई हुई. इस मामले में विपक्ष को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. ईवीएम मशीनों का 50 फीसदी वीवीपैट से मिलान के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी दलों द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है. साथ ही पुराने फैसले को बरकरार रखा है. इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने EVM का 50% VVPAT से मिलान कराने की याचिका को खारिज कर दिया था. कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका पर आज सुनवाई हुई.

बता दें कि कांग्रेस समेत 21 विपक्षी दलों ने इस संबंध में याचिका दायर की थी. विपक्षी दलों की मांग थी कि 50 फीसदी VVPAT पर्चियों की EVM से मिलान का आदेश चुनाव आयोग को दिया जाए. अब तक चुनाव आयोग 4,125 EVM और VVPAT के मिलान कराता है जो अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़कर 20,625 EVM और VVPAT का मिलान करना होगा. वर्तमान में VVPAT पेपर स्लिप मिलान के लिए प्रति विधानसभा क्षेत्र में केवल एक EVM लिया जाता है. एक EVM प्रति विधानसभा क्षेत्र के 4125 EVM के VVPAT पेपर्स से मिलान कराया जाता है.

गौरलतब है कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच बूथ के EVM और VVPAT की पर्चियों का मिलान करने के लिए कहा था. चुनाव आयोग ने इसे मान भी लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस लोकसभा चुनाव में EVM और VVPAT के मिलान को 5 गुना बढ़ाया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र मे 5 VVPAT का EVM से मिलान किया जाएगा. अभी सिर्फ एक का VVPAT मिलान होता है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग को 20,625 EVM की VVPAT पर्चियां गिननी हैं, यानी प्रति विधानसभा क्षेत्र में 5 EVM की जांच होगी.

 

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