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साध्वी प्रज्ञा से भी आगे निकल गईं सुमित्रा, शहीद करकरे पर उठाए ऐसे सवाल

26/11 मुंबई हमले के शहीद आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे को लेकर भोपाल से बीजेपी प्रतयाशी साध्‍वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की बयानबाजी पर विवाद हो चुका है. अब निवर्तमान लोकसभा स्‍पीकर और इंदौर से 8 बार बीजेपी सांसद रहीं सुमित्रा महाजन ने करकरे के बतौर पुलिस अधिकारी आचरण पर सवाल उठाए हैं.

महाजन ने कहा है कि करकरे “शहीद बने” क्‍योंकि वह ड्यूटी के दौरान मारे गए, मगर महाराष्‍ट्र एंटी-टेररिज्‍म स्‍क्‍वाड (ATS) प्रमुख के रूप में उनकी भूमिका ठीक नहीं थी. द इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत में सुमित्रा महाजन ने कहा, “हेमंत करकरे के दो पहलू हैं. वह शहीद बने क्‍योंकि ड्यूटी के दौरान मारे गए. लेकिन एक पुलिस अधिकारी के रूप में उनकी भूमिका सही नहीं थी. हम कहेंगे कि यह सही नहीं थी.”

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उनके पास कोई सबूत नहीं हैं लेकिन उन्‍होंने सुना है कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, करकरे के दोस्‍त थे. महाजन ने कहा कि जब दिग्विजय मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री थे तो वो RSS पर बम बनाने और आतंकी संगठन होने के आरोप लगाते थे. महाजन का आरोप है कि महाराष्‍ट्र ATS ने इंदौर से जो गिरफ्तारियां की, वो सब दिग्विजय के कहने पर ही की गईं.

इस बयान के जवाब में दिग्विजय ने ट्वीट किया, “सुमित्रा ताई, मुझे गर्व है कि अशोक चक्र विजेता शहीद हेमंत करकरे के साथ आप मुझे जोड़ती हैं. आपके साथी उनका अपमान भले ही करें, मुझे गर्व है कि मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं. मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा ख़िलाफ़ रहा हूं. मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझमें सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफ़ारिश करने का साहस था. मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं.”

 

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