जरा हट के

नेताजी रखते थे इनका बच्चों की तरह ध्यान, कभी डांटते-कभी मनाते, जानिए कौन हैं आजाद हिंद फौज के ये ‘जवान’

26 जनवरी 2019 बहुत ही खास रहा है! इस बार आजाद हिन्द फौज मे भाग लेने वाले 4 सैनिक पहली बार परेड मे शामिल हुए!उनमे से एक थे हरियाणा के 98 साल के ललती राम!

ललती राम का जन्म 1 जनवरी 1921 को हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी क्षेत्र के गाँव दूबलधन मे हुआ था!आजाद हिन्द फौज मे रहते हुए इन्होने कई देशो मे भी युद्ध किया था!कहा जाता है आजादी कि लड़ाई लड़ते समय वो कुछ समय के लिए गायब हो गए थे!

लापता होने के करीब 5 साल के बाद जब वो लौटे तब वैवाहिक बंधन मे 1946 मे बंधे थे!उनकी पत्नी का नाम चंदकौर है और आज वो 92 साल की है!

एक इंटरव्यू मे ललती राम ने बताया की वो नेताजी सुभाष चन्द्र बॉस के काफी करीबी थे!और वो मेरा बच्चो की तरह खयाल भी रखते थे!और गलती करने पर प्यार से दांत देते थे तो प्यार से मना भी लेते थे!

उन्होने बताया कई बार उन्होने अपने हनथो से खाना भी खिलाया है!उन्होने यह भी बताया कि आजाद हिन्द फौज मे रहते हुए बहदुरी के लिए उन्हे तीन मेडेल भी मिले थे!

ललती राम ने बताया की वह अम्बाला,सिंगापुर,हांगकांग, थाईलैंड,जापान,कोलकत्ता मे रह चुके है!आपको बता दे ललती राम के 5 बेटे है और पंचो बेटे सेना मे भर्ती हुए है!

इतना ही नहीं उनके 9 पोतो मे 5 पोते भी फौज मे ही है!और उनकी एक पोती पुलिस सेवा मे भी है!उनका एक पोता हमेशा ही उनके साथ ही रहता है!

आपको बता दे ललित राम को पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे.अब्दुल कलाम दो बार, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी,और राष्ट्रपति रामनाथ कोविद एक एक बार सम्मानित कर चुके है!

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