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सांसदों का स्टिंग: बाहुबली पप्पू यादव की खुली पोल, देखिए कैसे कर रहे लोकतंत्र का सौदा !

3 दिन पहले लॉन्च हुए हिंदी न्यूज चैनल टीवी9 भारतवर्ष ने आज सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन देश के सामने पेश किया. इस स्टिंग ऑपरेशन में ऐसे कई सांसदों की पोल खुल गई जो पैसों की खातिर अपने जमीर के साथ-साथ लोकतंत्र का भी सौदा करने को तैयार हैं. अंडरकवर रिपोर्टर्स के छुपे हुए कैमरों के जरिए राजनीति का वो सच सामने आया है जिसने देश को हिलाकर रख दिया.

अब तक आपने सुना होगा कि नोट के दम वोट खरीदा जाता है. अब तक आपने सिर्फ सुना होगा कि चुनाव में करोड़ों झोंककर नेता सांसद बन जाते हैं लेकिन टीवी 9 भारतवर्ष के खुफिया कैमरे में कैद हुए एक-एक सांसद ने चुनाव में जीत का काला सच खुद ही खोल के रख दिया. पहली बार जनता की नुमाइंदगी करने वाले माननीय सांसद खुद टीवी पर बताया कि कैसे लोकतंत्र पर नोटतंत्र हावी हो चुका है.

इस सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन में सबसे पहले जिस सांसद का चेहरा दिखाया गया वो बिहार के बाहुबली सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव थे. ये अब तक पांच बार चुनाव जीत कर संसद पहुंच चुके हैं और अपनी एक अलग पार्टी जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक बना कर 2019 के चुनावी दंगल में कूद चुके हैं.

अंडरकवर रिपोर्टर से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि 2014 लोकसभा चुनाव में उनका खर्च 3.5 करोड़ से 5 करोड़ के बीच है. वहीं उनकी पत्नी और कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन का 7-8 खर्च करोड़ खर्च हुआ था जबकि चुनाव आयोग को 47 लाख रुपये खर्च का ब्यौरा दिया.

उन्होंने माना कि नोट के दम पर ग़रीबो का फ़ायदा उठाया. पप्पू यादव ने कहा कि आदमी किसी का नहीं होता कुछ भी कर लो. राजनीति का मतलब सेवा-धर्म नहीं दोगलई है. जितना अधिक दोगलई-तेगलई करोगे उतनी अच्छी राजनीति कर सकोगे. काटोगे नफ़रत पैदा करोगे.

जब अंडरकवर रिपोर्टर ने पूछा कि सबसे अधिक खर्च कैश बांटने में होता है? जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि अभी हम जितना खर्च करेंगे उतना अधिक फ़ायदा होगा. वहीं बांटने में खर्च को लेकर पप्पू यादव ने कहा लगभग 2-2.5 करोड़ तक का खर्च आएगा. पर्सन टू पर्सन ग़रीबों को और यूथ को बांटना होता है.

चुनाव कैंपेन में ट्रेवलिंग पर खर्च को लेकर पप्पू यादव ने बताया कि एक से सवा करोड़ रुपये खर्च हो जाता है. सिर्फ हैलीकॉप्टर पर 1 करोड़ के लिए खर्च होता है. रैलियों का खर्च अलग होता है. 2019 में लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च कर जीतने का इरादा है.

इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में भले ही शराबबंदी हो लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा इसके बिना तो काम ही नहीं चलता. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर हर महीने 10-12 लाख़ रुपये खर्च होता है. इतना ही नहीं रथ यात्रा निकालने के लिए एक से डेढ़ करोड़ रुपये की अलग से भी मांग की.

पप्पू यादव बार-बार अपनी पत्नी कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन को भी फंडिंग करने की मांग करते दिखे. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां भी लोकसभा चुनाव लड़ सकती है. इसलिए कुल तीन सांसदों की फंडिंग का प्रबंध करें. इसके बदले वो कारोबारी बनकर मिलने पहुंचे रिपोर्टर्स की हर तरह से मदद करने को तैयार दिखे.

खबर सौजन्य- टीवी9 भारतवर्ष

देखिए वीडियो-

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