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चुनाव से पहले शाह को सताने लगा डर, अगर बुआ-बबुआ साथ आये तो होगी बड़ी समस्या

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यूपी में आगामी 2019 लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर सियासत गरमा गई है यह चुनाव सपा बसपा और भाजपा के लिए एक कड़ी चुनौती है इस बीच अमित शाह के एक बयान में भाजपा को भी हैरानी में डाल दिया शाह ने कहा अगर इस चुनाव में उपाध्यक्ष अखिलेश यादव अब बसपा सुप्रीमो मायावती अगर एक साथ आती हैं तो भाजपा को थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है  भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से बड़ी जीत होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि उत्तरप्रदेश में अगर सपा और बसपा साथ आते हैं तो कुछ समस्या आएगी।

शाह ने कहा-मजबूर सरकार चाहिए या मजबूत सरकार

शाह ने कहा कि देश की जनता को तय करना है कि उन्हें मजबूर सरकार चाहिए या मजबूत सरकार। महागठबंधन को ढकोसला बताते हुए उन्होंने कहा कि आप ही सोचे कि अगर अखिलेश यादव तेलंगाना में, मायावती आंध्रप्रदेश में, ममता बनर्जी मध्यप्रदेश में, चंद्र बाबू नायडू राजस्थान में चुनाव में उतरते हैं तब चुनाव परिणाम पर क्या गुणात्मक प्रभाव पड़ेगा।

शाह ने कहा कि उत्तरप्रदेश में भाजपा का वोट प्रतिशत पहले 45 प्रतिशत रहा है और सपा एवं बसपा का संयुक्त वोट प्रतिशत करीब 51 प्रतिशत होता है। ऐसे में भाजपा को 6 प्रतिशत के अंतर को पाटना है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने प्रतिबद्धता के साथ इस अंतर को पाटने की तैयारी की है और जिसको साथ आना है, आए जाए। उन्होंने जोर दिया कि बंगाल में भाजपा आने वाले समय में जरूर सरकार बनाएगी।

अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर पर कांग्रेस को बोलने को अधिकार नहीं है। अब तक राम मंदिर पर फैसला आ जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, हम मानते है कि भव्य राम मंदिर का निर्माण तुरंत होना चाहिए।

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