उत्तर प्रदेश

अब तक जो दफ्न का गहरा राज़, सुनकर मुलायम भी हो गए हैरान.. 

 

लखनऊ। नवगठित प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में कहा कि चुंगलखोरों और चापलूसों की वजह से समाजवादी पार्टी और परिवार में टकराव हुआ।
पार्टी के गठन के बाद अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के लिये आयोजित जनाक्रोश रैली में शिवपाल ने कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) आज यहां हैं। नेता जी के साथ उन्होंने 40 साल काम किया है। वह हमेशा सपा में नेता जी के साथ ही रहना चाहते थे। कभी कुछ नहीं मांगा। सिर्फ नेता जी के आदेश का पालन किया। मुख्यमंत्री, क्या मंत्री पद के लिए भी कभी नहीं कहा। सिर्फ सम्मान चाहिए। वही, मैंने मांगा था। बार-बार अपमानित किये जाने के बाद उनके पास पार्टी बनाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
पल भर के लिये भावुक दिखे श्री यादव ने कहा कि उन्होंने परिवार के हर छोटे बड़े की बात मानी। लेकिन, चुंगलखोरों व जनाधार विहीन नेताओं की वजह से यह नौबत आ गयी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताजी की मर्जी से बनाई है। वह बिना मुलायम की मर्जी के कोई कदम नहीं उठाते हैं।
रैली में मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी का नाम लेकर शिवपाल को असहज कर दिया। शिवपाल ने संभाला और उन्हें बताया कि यह सपा का मंच नहीं बल्कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का मंच है। उन्होंने भाई शिवपाल की पीठ थपथपायी।।
वहीं भाजपा सरकार पर हमलावर शिवपाल ने कहा कि जब-जब भाजपा सत्ता में आयी तब तब देश को कमजोर करने का काम हुआ। उन्होंने व्यंग्य किया कि 56 इंच के सीने को अब लोग समझ गए हैं। सीमा पर जवान शहीद हो रहे हैं। सरकार बनने के पहले भाजपा वालों ने कहा था कि कालाधन लाएंगे। वादा तो पूरा नहीं हुआ बलिक देश के हालात और खस्ता हो गये।


मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा ने कहा कि रैली इस बात का सबूत है कि शेर को चोट नहीं देनी चाहिए, जब नेताजी को चोट पहुंची तो वह शिक्षक से राजनेता बने। अब चाचा को चोट पहुंची है तो देखिए आगे आगे होता है क्या? भारत एक सेक्युलर देश है। देशवासियों को पानी, बिजली, सड़क सब चाहिए, पर आज समाज को बांटने के अलावा कुछ नहीं हो रहा है। किसान, मजदूर, युवा, किसी की भी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने भीड़ को ऐतिहासिक बताया।
शिवपाल के बेटे और नवगठित पार्टी के महासचिव आदित्य यादव ने कहा वह हिन्दू मुस्लिम की बात नहीं करेंगे। रोजगार की बात करेंगे। सुरक्षा के लिए बात करेंगे। प्रगतिशील को ही अपना धर्म बनाएंगे। उसको आगे बढ़ाएंगे। राज्य सरकार पर हमलावर आदित्य ने कहा कि शहरों के नाम बदल रहे हैं। अगर विकास करना है तो नए शहर बनाइए। इसको विकास कहते हैं। समाजवाद को फिर से जिंदा करना होगा।
वहीं जनाक्रोश रैली को लेकर ‘यूपी के जेहन में सवाल है और उम्मीद शिवपाल है’, ‘फिर थाम संघर्ष की मशाल,आपके लिए निकल पड़े शिवपाल’, ‘हजार सवाल-एक जवाब शिवपाल शिवपाल’। इस तरह के नारे लिखे होर्डिंग्स से राजधानी को पाट दिया गया था। शिवपाल के अनुसार रैली में छोटे छोटे कई दल शामिल रहे।

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