उत्तर प्रदेश

खामोशी से नेताजी कर गए खेल, यूं लगा दिया शिवपाल की सियासत पर बट्टा !

कहा जाता है कि इंसान का अतीत उसके साथ हमेशा रहता है। अगर कोई अपने अतीत से किनारा करना भी चाहे तो नहीं कर सकता। दाये बायें,आगे पीछे कहीं से भी आप का अतीत आप को घेर लेता है। ऐसा ही कुछ समाजवादी पार्टी के संरक्षण नेता जी मुलायम सिंह यादव के साथ भी है। उनके और उनके भाई शिवपाल यादव के रिश्ते ऐसे ही थे कि मानो दोनों एक दूसरे के पूरक हो।लेकिन राजनीति की जाल मे ऐसे उलझे कि दोनों भाई आज एक दूसरे से अलग होकर अलग अलग राजनीतिक दलों मे हैं।

अगर बात मुलायम सिंह यादव की करें तो उनका कहना है कि अब उन्होंने अपने भाई और प्रगतिशील पार्टी का गठन कर चुके शिवपाल सिंह यादव से रिश्तें पूरी तरह से खत्म कर लिए हैं। दरअसल मुलायम सिंह यादव ने इटावा में सिविल लाइन स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में इस बात का खुलासा किया कि अब उनके और शिवपाल यादव के बीच किसी तरह का कोई सम्बन्ध नही बचा है।

वह शिवपाल यादव से इस बात को लेकर काफी खफा दिखे कि शिवपाल यादव की पार्टी के उम्मीद’वार उनके खिलाफ चु’नावी मैदान में है।उन्होंने कहा कि शिवपाल सिंह यादव से उनका कोई मतलब नहीं है क्योंकि शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश में उस संसदीय क्षेत्र से भी अपने उम्मीद’वारों को उतारा हुआ है जहाँ से खुद मुलायम सिंह यादव चु’नाव मैदान में उतर रहे हैं।

शिवपाल सिंह यादव और उनकी पार्टी के उम्मीद’वारों को समर्थन देने और उनकी सभाओं में प्रचार करने के लिए जाने के सवाल पर मुलायम सिंह यादव ने कहा कि कौन कहां किसके लिए प्रचार करने के लिए जाएगा यह उन्हें नही पता, क्यों कि वो खुद भी चु’नाव ल’ड़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि वह क्यों चिंता करें कि कौन शिवपाल की रैली में जाता है कौन नहीं ।उनका कहना है कि चु’नाव के समय रैलियां तो होती रहती हैं।लेकिन वह खुद चु’नाव ल’ड़ रहे हैं इसलिए उनका ध्यान उसी ओर है और वह जल्द ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर लेंगे।

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