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जिस डिमांड के लिए शत्रुघ्न सिन्हा ने छोड़ी बीजेपी, वो पाला बदलते ही कांग्रेस ने पूरी कर दी

आखिरकार बिहारी बाबू ने औपचारिक तौर पर पाला बदल लिया. शुक्रवार तक भाजपाई रहे शत्रुघ्न सिन्हा शनिवार को कांग्रेसी हो गए. यूं तो वो पिछले काफी वक्त से पीएम मोदी और पार्टी आलाकमान के खिलाफ खुलकर बोलते रहे. लेकिन उनकी नाराजगी की मुख्य वजह यही मानी गई कि पटना साहिब लोकसभा से मौजूदा सांसद सिन्हा को पार्टी इस बार चुनावी टिकट नहीं देने जा रही थी. शॉटगन ने पार्टी बदली, कांग्रेसी हो गए और कांग्रेस ने भी फौरन उनको टिकट देने का भी ऐलान कर दिया.

कांग्रेस में शामिल होने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए  शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “सबसे पहले मैं अपने नए परिवार के सभी लोगों का शुक्रिया करता हूं, जिन्होंने पार्टी में आने के लिए मुझे प्रोत्साहित किया. नवरात्री के दिन कांग्रेस परिवार का हिस्सा बना हूं. आज अच्छा दिन है.” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वे पटनासाहिब से ही आगामी लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे.

इसके बाद बीजेपी पर हमला बोलते हुए सिन्हा ने कहा, “जहां मेरी परवरिश हुई, देश के महानायक नाना जी देशमुख ने मेरी परवरिश की और ट्रेनिंग दी, जिसके बाद मुझे अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों सौंपा. अडवाणी जी ने मार्ग दर्शन किया. बरहाल इनके ट्रेनिंग के बाद बीजेपी से ट्रेनिंग लेता हुआ, संघर्ष करता हुआ, लोकशाही का पालन करते हुए आगे बढ़ता गया, लेकिन परिवर्तन आने लगा और लोकशाही तानाशाही में बदलने लगी.”

2014 में केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया. इसका दुख जाहिर करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा,“मंत्री नहीं बनाया गया, क्या हमारी छवि में कोई दाग था. हमपर कभी भ्रष्टाचार का आरोप तक नहीं लगा. यहां वन मैन आर्मी टू मैन शो पीएमओ से चलता है. मंत्री बिना पीएम की इजाजत के कोई काम नहीं करते. मंत्री इनसे डरते हैं.”

मोदी सरकार के चुनावी वादों को झूठा बताते हुए सिन्हा बोले, “जनता के खातों में 15 लाख डालने का वादा, स्मार्ट सिटी का वादा सब खोखले निकले. व्यक्ति से बड़ी पार्टी होती है और पार्टी से बड़ा देश होता है. मैंने हमेशा देश के हित में बात की है. हमने जो किया लोगों के लिए किया, किसानों की बात की, रोजगार की बात की, जो वादे किए उनकी बात की, लेकिन पार्टी ने हमारी नहीं सुनी. हमने संवाद की कोशिश की. यशवंत सिन्हा जी ने संवाद करने की कोशिश की तो उन्हें समय नहीं दिया गया.”

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