देशराजनीति

दीदी को करारा झटका, कोर्ट ने दी शाह के रथ यात्रा को मंजूरी….

नई दिल्ली। भाजपा की पश्चिम बंगाल में रथयात्रा को कलकत्ता हाई कोर्ट से हरी झंडी मिल गई है। गुरुवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए भाजपा की लोकतंत्र बचाओ यात्रा को यानी भाजपा की 3 रथ यात्राओं को हरी झंडी दे दी है। बता दें कि पिछले दिनों भाजपा की रथ यात्रा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रोक लगा दी थी, जिसके बाद भाजपा ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनावई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए ममता बनर्जी सरकार की दलीलों को मानने से इंकार कर दिया।

अदालत ने कहा कि आप कल्पना के जरिए डर को वजह नहीं बना सकते हैं। आप कल्पना के जरिए या किसी दूसरे राज्य में क्या हो रहा है उस आधार पर सांप्रदायिक हिंसा के कयास नहीं लगा सकते हैं। लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने और कहने का अधिकार होता है, ऐसे में कोई भी सरकार किसी पार्टी के बुनियादी अधिकारों पर हमला नहीं कर सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं कि कानून एवं व्यवस्था कहीं भंग न हो।

24 जिलों से निकलनी थी शाह की रथ यात्रा

भाजपा अध्यक्ष शाह की यात्रा 7 दिसंबर से कूच बिहार से शुरू होनी थी। यह बंगाल के 24 जिलों से गुजरती। कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार के विरोध के बाद अमित शाह की रथ यात्रा निकालने के लिए भाजपा को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भाजपा की योजना थी कि शाह की रथ यात्रा के जरिए 40 दिन में 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाए। इस यात्रा में तीन एसी बसें होंगी। कूच बिहार, काकद्वीप और 14 दिसंबर को तारापीठ से इन्हें रवाना किए जाने की योजना थी।  हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद अमित शाह को अपना पूर्व निर्धारितकार्यक्रम रद्द करना पड़ा।

पश्चिम बंगाल सरकार ने किया था विरोध

बता दें कि इससे पहले भाजपा की रथयात्रा को पश्चिम बंगाल सरकार ने इजाजत देने से इनकार कर दिया था। सरकार ने आशंका जताई थी कि रथयात्रा से राज्य में सांपद्रायिक तनाव फैल सकता है। सरकार का कहना था कि किसी के भी सभा करने पर पाबंदी नहीं है, लेकिन कानून व्यवस्था के मद्देनजर रथयात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।

Back to top button