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SBI दे रहा है छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए सस्ता लोन, जानिए कैसे उठा सकते हैं स्कीम का फायदा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने विश्वबैंक द्वारा साल 2016 में ‘सोलर रूफटॉप’ की शुरुआत की थी. इसका क्रियान्वयन एसबीआई द्वारा किया जा रहा है. नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) का कहना है कि छतों पर सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्यम (MSME) सौर संयंत्र (Solar Plant) लगाकर कारोबार दक्षता में सुधार लाया जा सकता है. इसके लिए एमएसएमई की तरफ से सस्ती दर पर सस्ता लोन भी दिया जा रहा है. आइए आपको SBI और वर्ल्ड बैंक के रूफटॉप सोलर PV प्रोग्राम की जानकारी देते हैं.

छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए लोन स्कीम

अगर आप छत पर सोलर प्‍लांट लगाना चाहते हैं, तो इसमें एसबीआई मदद कर सकता है. एसबीआई ने विशेष तौर पर वर्ल्‍ड बैंक से लाइन ऑफ क्रेडिट लिया है. एसबीआई रूफटॉप सोलर PV प्रोग्राम के तहत पूरे सोलर प्रोजेक्‍ट की कुल लागत का 75 प्रतिसत तक लोन दे रहा है. यह एक तरह का टर्म लोन है, जिसके तहत 500 करोड़ से ज्यादा का लोन SBI की सभी कॉरपोरेट अकाउंट ग्रुप ब्रांच उपलब्ध कराती है. इसके साथ ही 50 करोड़ से 500 करोड़ तक का लोन कमर्शियल क्लाइंट्स ग्रुप ब्रांच और 50 करोड़ रुपए तक का लोन एसएमई ब्रांच उपलब्ध कराती है.

ब्याज दर ​

SBI की 6 महीने की MCLR प्‍लस ग्राहक की रिस्क रेटिंग के आधार पर 0.12 से 0.19 प्रतिशत तक अतिरिक्‍त ब्‍याज दर देनी होगी.

लोन चुकाने की अवधि और

लोन चुकाने का समय 15 साल तक का होगा. इसके साथ ही मोरेटोरियम पीरियड कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू होने की तारीख से 12 महीने तक है.

कौन ले सकता है लोन

  • जो कोई भी शख्स SBI से रूफटॉप सोलर सिस्‍टम लगाने के लिए लोन लेना चाहता है, तो वह अकेले प्रोपराइटर के तौर पर, पार्टनरशिप फर्म/ इन्‍क्‍लूडिंग LLP व कंपनी/स्‍पेशल पर्पस व्‍हीकल/NBFC बॉरोअर या उनकी पेरेंट कंपनी/स्पॉन्सर के लिए आवेदन कर सकता है.
  • इसके लिए इच्छुक व्यक्ति के पास पावर सेक्‍टर में कम से कम 1 साल का एक्‍सपीरियंस या पास्‍ट ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए.
  • उसकी CRA रेटिंग SB-10 अच्‍छी होनी चाहिए.
  • इसके साथ ही इन्वेस्टमेंट ग्रेड का ECR हो.

प्राइमरी व कोलेट्रल सिक्योरिटी

  • आपको सभी फिक्स्ड एसेट्स, चल संपत्ति, करंट एसेट्स, लीज होल्ड राइट्स, कैश फ्लो, प्रोजेक्ट से जुड़े खातों व उनके अधिकारों आदि पर एक्सक्लूसिव फर्स्ट चार्ज बैंक को सौंपना होगा.
  • प्रोजेक्ट डॉक्युमेंट का असाइनमेंट भी सिक्योरिटी के तौर पर बैंक के पास होगा.
  • अगर ग्राहक का एफएसीआर 25 के नीचे हैं, तो एसबीआई कोलट्रल सिक्योरिटी की मांग कर सकता है.

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आवेदनकर्ता और गारंटर का एड्रेस प्रूफ जैसे- वोटर ID, पैन नंबर, आधार नंबर आदि लगेगा.
  • आवेदनकर्ता और गांरटर के पिछले 3 वित्त वर्षों के इनकम टैक्‍स रिटर्न, वेल्‍थ टैक्‍स रिटर्न्‍स.
  • आवेदनकर्ता और गांरटर की पिछले 3 सालों के बिजनेस की सालाना रिपोर्ट, जिसमें ऑडिटेड बैलेंस शीट और ट्रेडिंग व प्रॉफिट या लॉस अकाउंट मौजूद होना चाहिए.

आवेदनकर्ता कंपनी है तो…

  • अगर कंपनी आवेदनकर्ता है, तो उस कंपनी के मेमोरेंडम एंड आर्टिकल्‍स ऑफ एसोसिएशन, सर्टिफिकेट ऑफ कमेन्‍समेंट ऑफ बिजनेस लगेगा.
  • इसके अलावा पिछले 3 साल का सेल्‍स टैक्‍स रिटर्न, प्रोजेक्‍टेड बैलेंस शीट, डिटेल्‍ड प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट की कॉपी, प्रॉफिट व लॉस अकाउंट, कैश फ्लो स्‍टेटमेंट और रिसोर्सेज स्‍टडी की कॉपी आदि देनी होगी.

ऐसे दी जाएगी गारंटी

अगर लोन लेकर कोई शख्स/पार्टनरशिप फर्म/कंपनी, रूफटॉप सोलर पावर प्रॉडक्शन के लिए आवेदन करता है, तो प्रोपराइटर/पार्टनर्स/डायरेक्‍टर्स की पर्सनल गारंट की डिमांड की जाएगी. स्‍पेशल पर्पस व्‍हीकल्‍स/एसोसिएट्स/सब्‍सडियरीज के लोन लेने पर स्‍पॉन्‍सर की कॉरपोरेट गारंटी चाहिए होगी.

खबर साभार : कृषि जागरण 

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