धर्म

शनिवार : मंदिर में पूजा करने के बाद भूल से भी न करे ये गलती, शनि देव होते है नाराज़ 

ज्योतिष शास्त्र, वास्तु शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, ऐसी ही कुछ विधाएं हैं जिनके प्रयोग से हम जीवन में आ रहे संकटों के रुख मोड़ सकते हैं। तकलीफ होने पर लोग इन शास्त्रीय उपायों का प्रयोग करते हैं। लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे उसे जानने के बाद आप भी इन कामो को करने से पहले हज़ार बार सोचेंगे और कभी करने  के बारे में सोचेंगे भी नहीं  क्योंकी अगर ये काम आप करने का सोचे भी तो एक बार जरुर सोच ले आपके साथ क्या हो सकता है।

वर्तमान समय में भी पूजा पाठ करने की परंपरा को निभाया जा रहा है, ऐसा माना जाता है कि पूजा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।पूजा करने से मन की शांति प्राप्त होती है और घर परिवार में किसी भी प्रकार की मुसीबत नहीं आती है परंतु पूजा करने के भी कुछ नियम बताए गए हैं जिनका पालन करना बहुत ही आवश्यक है।

शनिवार के दिन शनिदेव को तेल अर्पित किया जाता है ऐसा कहा जाता है कि तेल अर्पित करने से शनि देव का ध्यान अपने भक्तों की तरफ आकर्षित होता है, अगर आप भी शनिवार के दिन तेल अर्पित करते हैं तो शनिदेव को तेल अर्पित करने के पश्चात कुछ नियमों का पालन करना बहुत ही जरूरी है, अगर आप इन नियमों का पालन नहीं करेंगे तो शनिदेव आपसे ना’राज होंगे, जिसका आपको बुरा परि’णाम झेल’ना पड़ेगा, इन बातों पर ध्यान ना देने की वजह से आपके ऊपर शनि की साढ़ेसाती का भी प्रभाव हो सकता है इसलिए आप इन नियमों का सख्ती से पालन कीजिए।

शनि की साढ़ेसाती से बचने के लिए इन कामों से रहे दूर

nonveg भोजन से रहे दूर
अगर आप शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा अर्चना करते हैं तो उसके पश्चात आप किसी भी प्रकार का मां साहारी भोजन का सेवन मत कीजिए, अगर आप मां साहारी भोजन का सेवन करते हैं तो इससे शनिदेव आपसे नाराज होंगे और आपके जीवन में कुछ ना कुछ बुरा अवश्य हो सकता है।

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पशुओं को ना पहुंचाएं नु’कसान

शनि महाराज को पशुओं से बहुत प्रेम है, अगर आप शनि देव की आराधना करते हैं तो उसके पश्चात आप किसी भी जानवर को परेशान मत कीजिए और ना ही उनको किसी प्रकार का नुकसान पहुचायें क्योंकि इससे शनि देव क्रो-धित होते हैं, जिसके कारण है आपके जीवन में परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।

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