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शहीद की चिता को सैल्यूट कर जुड़वा भाई की सौगंध- लूंगा ऐसा बदला कि याद रखेगा पाकिस्तान

जम्मू कश्मीर.  देश की रक्षा करते हुए पुंछ जिले के शाहपुर सेक्टर में पाक की गोलाबारी में एक भारत का लाल शहीद हो गया। उसकी पहचान चार ग्रेनेडियर रेजिमेंट का सिपाही हरि भाकर (21) पुत्र पद्धमा राम निवासी जसूरी, तहसील मकराना, जिला नागोर (राजस्थान) के रूप में हुई है।  बताते चले पुंछ नगर स्थित सैन्य 425 फील्ड एंबुलेंस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। फिर सोमवार को सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया गया।

जानकारी के अनुसार

शहीद जवान हरी भाकर को सेना ने दी श्रद्धांजलि

शनिवार देर शाम पांच बजे से पुंछ जिले की नियंत्रण रेखा पर स्थित शाहपुर और कीरनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलाबारी शुरू कर दी थी। जो रविवार सुबह चार बजे तक जारी रही।

भाई के शहादत पर जुड़वां भाई हरेंद्र ने कहा, ‘हरि मेरे जुड़वां भाई थे और मुझसे दो मिनट बड़े भी। मैं अभी जीआरसी जबलपुर में नौ माह की ट्रेनिंग पर हूं। उनका चयन 2016 में हो गया था। वे मुझे बहुत प्यार करते थे। उनमें बचपन से ही देशभक्ति का जज्बा था इसलिए वे पुलिस व सेना की वीरता से जुड़ी फिल्में ही देखते थे और मुझे भी प्रेरित करते थे।

आगे उन्होंने कहा पाकिस्तान की नापाक करतूतें सुनकर उनका खून खौल उठता था। भाई से प्रेरित हो मैंने भी सेना में जाने का मन बनाया। 8-9 बार भर्ती रैलियों में शामिल हुआ मगर किसी न किसी कारण रिजेक्ट होता रहा। मैंने उम्मीद छोड़ दी तो भाई ने कहा- तुम्हें सैनिक ही बनना है। सफलता के टिप्स दिए और मेरा चयन हो गया। उस दिन सबसे ज्यादा खुशी अगर किसी को थी तो वे मेरे भाई हरि थे।

भाई से बिछुड़ने का दुख तो है ही मगर उनकी शहादत पर गर्व भी है। भाई शरीर से पैर अलग होने के कारण खून से लथपथ थे मगर रॉकेट लांचर से गोले दागते रहे और दुश्मन को पटखनी भी दी। आज उन्होंने जो नाम कमाया है, वह बहुत बड़ी संपदा है। पूरे देश को उनके भाई पर नाज है। लेकिन मैं भी बता हूं, जब भी मौका मिला, बदला जरूर लूंगा। भारत मां के हर एक वीर शहीद की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। मैं इन युवाओं से कहना चाहता हूं, कि शहादत का बदला लेने के लिए सेना में भर्ती हों।’

शहीद जवान हरी भाकर को सेना ने दी श्रद्धांजलि

बताते चले इस गोलाबारी में देर रात्रि शाहपुर के काईयां स्थित भारतीय अग्रिम चौकी पर चार ग्रेनेडियर का सिपाही हरि वाकर मोर्टार के स्पलिंटर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे देर रात डेढ़ बजे पुंछ नगर स्थित सैन्य 425 फील्ड एंबुलेंस अस्पताल लाया गया। वहां पर रविवार तड़के इलाज के दौरान वह शहीद हो गए।

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