उत्तर प्रदेशराजनीति

राम मंदिर: अब तो संघ ने भी दे दिया आदेश, क्या पालन करेंगे मोदी?

अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला टाल दिया है. इसके लिए अब जनवरी 2019 में फैसला आएगा, वहीं आरएसएस ने मोदी सरकार को सलाह दी है कि जमीन अधिग्रहण कर राम मंदिर का निर्माण शुरू किया जाय. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को एक बार फिर अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए संसद में कानून लाने की मांग की है। आरएसएस की ओर से कहा गया है कि सरकार मंदिर बनाने के लिए जमीन के अधग्रहण करे और कानून लाकर मंदिर बनाए जाने का काम शुरू किया जाए। आरएसएस के मनमोहन वैद्य ने कहा कि राम मंदिर का बनाया जाना एक गौरव का विषय है और इसे अदालतों में नहीं सुलझाया जा सकेगा।

आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक बुधवार से पालघर में शुरू हुई है। बैठक में खासतौर से राम मंदिर के मुद्दे पर चर्चा होने की बात कही जा रही है। इस दौरान संघ की ओर से एक बार फिर मंदिर का मामला उठाया गया है। वैद्य ने कहा कि जब अदालत कह चुकी है कि नमाज के लिए मस्जिद होना जरूरी नहीं तो फिर इस मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम या मंदिर बनाम मस्जिद का नहीं कहा जाना चाहिए।

हाल के दिनों में हिन्दूवादी संगठनों और भाजपा नेताओं की ओर से लगातार इस बात की मांग की जा रही है कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए कानून लाकर वहां मंदिर बनाया जाए। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हाल में मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग कर चुके हैं। विहिप की ओर से लगातार इसको लेकर मांग की जा रही है। कुछ राजनीतिक पार्टियां भी इसकी मांग कर रही हैं।

शिवसेना की ओर से कानून बनाकर अयोध्या में मंदिर बनाने की मांग की जा चुकी है। वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राम मंदिर के लिए तैयारी शुरू करने की बात कही थी तो केंद्र में मंत्री गिरिराज सिंह राम मंदिर मुद्दे पर अड़ने पर मुसलमानों को अंजाम भुगतने की धमकी तक दे चुके हैं। बता दें कि राम मंदिर बाबरी मस्जिद भूमि विवाद सुप्रीम कोर्ट में है, जिसमें जनवरी में कोर्ट सुनवाई करेगा।

Back to top button