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राउंड अप, शपथ: एक ही दिन बने कांग्रेस के तीन CM, विपक्षी एकजुटता का भी हुआ प्रदर्शन

नई दिल्ली ।सोमवार का दिन कांग्रेस के लिए खास बन गया, जब तीन नेताओं ने, तीन अलग-अलग राज्यों में एक ही दिन मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सुबह राजस्थान में अशोक गहलोत, दोपहर के समय मध्य प्रदेश में कमलनाथ और शाम को छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

सोमवार को ही वर्ष 1984 के सिख दंगों में दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेता रहे सज्जन कुमार की सजा के बावजूद, कांग्रेस के लिए यह दिन इसलिए भी उत्साह का था कि उसे भाजपा विरोधी गठबंधन के व्यापक होने की उम्मीद भी बंधी। शपथ ग्रहण समारोहों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बसपा प्रमुख मायावती और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भले ही मंच साझा न किया हो, दूसरे कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी गठबंधन के लिए बातचीच की मेज के बड़ा होने का संकेत दे गयी। जयपुर में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने अशोक गहलोत को शपथ दिलायी तो राज्यपाल के रूप में आनंदी बेन पटेल के लिए यह दिन विशेष हो गया।

उन्होंने भोपाल में कमलनाथ और रायपुर में भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता का शपथ ग्रहण कराया। मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास राज्यपाल के रूप में छत्तीसगढ़ का भी प्रभार है। कभी पूरे देश में राज करने वाली कांग्रेस इन तीन प्रदेशों सहित पांच राज्यों के चुनाव होने से पहले तक सिर्फ पंजाब और केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी में सिमट गयी थी। कर्नाटक में पार्टी ने जनता दल (सेकुलर) के साथ गठबंधन कर सरकार बनायी। अभी 11 दिसंबर को आए चुनाव परिणाम के बाद उसके खाते में ‘हिन्दी हॉर्ट लैंड’ के तीन महत्वपूर्ण राज्य आ गये हैं।

सबसे पहले सुबह जयपुर के अल्बर्ट हॉल के सामने आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल कल्याण सिंह ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री एवं सचिन पायलट को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई। बाद में मुख्यमंत्री की सिफारिश पर राज्यपाल ने पायलट को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया। शपथ ग्रहण समारोह में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी शिरकत की। गहलोत राजस्थान के 22वें और स्वयं तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं। जयपुर में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कई विपक्षी दलों की एकजुटता का भी प्रदर्शन हुआ। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और एच डी देवेगौड़ा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार, लोकतांत्रिक जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला, डी.एम.के. अध्यक्ष एम. के. स्टालिन, झारखण्ड विकास मोर्चा के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी, जेएमएम के हेमन्त सोरेन, आरएसपी के एन. के. प्रेमचन्द्रन, एआईयूडीएफ के बदरूद्दीन अजमल, स्वाभिमानी पक्ष के राजु सेठी, सांसद अब्दुल मनान, महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्णन विखे पाटिल भी शामिल गुए। शिरकत करने वालों में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, विपुल माहेश्वरी, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदनमोहन झा सहित वरिष्ठ नेता भी रहे। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी कार्यक्रम में नहीं आ सकीं।

उधर, भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित समारोह में कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कांग्रेस विधायक दल के नेता कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कैलाश जोशी और बाबूलाल गौर भी मंच पर उपस्थित थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ जयपुर से वे कई प्रमुख नेती भी भोपाल पहुंचे, जो वहां अशोक गहलोत के शपथ ग्रहण में मौजूद थे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही कमलनाथ ने पार्टी के वादे को पूरा करते हुए किसानों की कर्जमाफी की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। नये मुख्यमंत्री ने कन्यादान योजना की राशि को 28 हजार से बड़ा कर 51 हजार रुपये करने की फाइल को भी मंजूरी दी।

रायपुर में भी कांग्रेस के लिए उत्साह का माहौल था। वहां 15 साल बाद पार्टी की सत्ता में वापसी के साथ भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। बघेल प्रदेश के तीसरे मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भूपेश बघेल और दो मंत्री टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। रायपुर में भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ जिस अंदाज में कांग्रेस के आला नेताओं के साथ विपक्षी गठबंधन के नेता शरीक हुए, उससे लगा कि कांग्रेस 2019 के आम चुनाव की तैयारी में जुट गई है। शपथ ग्रहण में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह भी शामिल हुए।

भूपेश बघेल ने डॉ. रमन सिंह को व्यक्तिगत तौर पर फोन के जरिए समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था। तेज बारिश की वजह से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का स्थान बदल दिया गया। साइंस कॉलेज मैदान की जगह समोरोह इनडोर स्टेडियम में हुआ। जोश और उत्साह से लबरेज हजारों की तादात में पहुंचे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्टेडियम के भीतर दाखिल नहीं हो सके। बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम के बाहर ही खड़े होकर शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बने।

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