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REET अभ्यर्थी कैसे करें तैयारी: जानें परीक्षा से जुड़ी आपकी ऐसी ही मुश्किलों और सवालों के एक्सपर्ट जवाब

राजस्थान में लाखों लोग REET के एग्जाम की तैयारी में जुटे हैं। जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आ रही है, परीक्षार्थियों में तैयारियों को लेकर तनाव बढ़ रहा है। कई सवाल मन में आ रहे है, जिसका वे जवाब चाहते हैं। ऐसे में जोधपुर के मनोविज्ञान एक्सपर्ट आरके वैष्णव ने अंतिम समय में तैयारियों को लेकर कुछ टिप्स साझा किए।

जो पहले पढ़ा उसे रिवाइज करें
वैष्णव ने बताया कि परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंटस के अंतिम दौर में कई सवाल मन में होंगे और तैयारी को लेकर भी चिंतित होंगे। सबसे खास बात तैयारी कैसे करें, यह सोचना छोड़कर सिर्फ जो पहले पढ़ा है, उसे रिवाइज करें। नई बुक नहीं पढ़नी है और न ही कोई नई गाइड पढ़नी है। सिर्फ पहले पढे़ टॉपिक को रिवाइज करें। मॉडल पेपर से तैयारी करें। अपने मन से कुछ प्रश्न बनाएं। करीब दो सौ प्रश्न बना लिए तो सफलता को हासिल करेंगे।

हमारा क्या होगा यह सोचना छोड़ें
बहुत लंबे समय के बाद परीक्षा हो रही है। लाखों की संख्या में प्रतिभागी हैं जबकि सीटें हजारों में है। हर कोई यह सोच रहा है कि उनका क्या होगा? कॉन्फिडेंस बनाए रखें, सफलता मिलेगी। प्रयास किए हैं तो उसका नतीजा जरूर मिलेगा। हमारा क्या होगा यह सोचना छोड़ दें और सिर्फ तैयारी पर फोकस रखें।

डर को निकाल फेंकें
उन्होंने बताया कि तैयारी के बीच कोविड की दूसरी लहर आ गई, अब तीसरी लहर का डर कईयों के दिमाग में है। लेकिन, अभी यह सब डर निकाल देना चाहिए। अब एग्जाम में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। ऐसे में तय तारीख पर ही परीक्षा होगी।

याद करने के बाद भूलने का बड़ा कारण
याद करने के बाद भूलने के पीछे सबसे बड़ा कारण होता है दिमागी दबाव। स्ट्रेस भी दो प्रकार का होता है, एक सफलता की ओर ले जाता है और दूसरा तनाव की ओर। हमें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना है और यही सोचना है कि जो मैंने तैयारी की है, वह सही है।

खुद पर कॉन्फिडेंस जरूरी
सबसे जरूरी है खुद पर कॉन्फिडेंस होना। प्रश्न पत्र पढ़ने में जल्दबाजी न करें। चारों विकल्प अच्छे से पढ़ें। उस सब्जेक्ट को पहले सॉल्व करें, जिसकी तैयारी अच्छी हो। समय खराब न हो। पहले जटिल को न छुएं, इससे आप में कॉन्फिडेंस बूस्ट होगा।

10 सालों के पेपर से समझें परीक्षा का लेवल
REET के पिछले 10 साल के पेपर्स लें और समझने की कोशिश करें। इससे आपको परीक्षा का लेवल समझ आएगा। अपने पढ़ने वाले दोस्तों की अच्छी टीम बना लें। डिफिकल्टी जहां आ रही है, उसे शेयर करें और समाधान निकालें।

ओवर थिंकिंग से पाएं मुक्ति
कुछ स्टूडेंट्स कहते हैं हम 10 घंटे पढ़ाई तो कर लेते हैं, लेकिन रात को सोते समय ओवर थिंकिंग करने लगते हैं। ऐसे विचार आने लगते हैं कि अगर एक्जाम क्लीयर नहीं हुआ तो। इस ‘तो’ से बचना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि आप अपनी मेहनत और कर्म करते रहें। कल क्या होगा यह नहीं सोचना है।

यह काम भूलकर भी न करें
कुछ परीक्षार्थी अंतिम समय पर अपना ‘सोर्स ऑफ मटेरियल’ बदल देते हैं। अलग-अलग जिलों से आए परीक्षार्थी आपस में जब मिलते हैं। तो कोई कह देता है- ये किताब अच्छी नहीं है, वो सीरीज अच्छी नहीं है। इस तरह कन्फ्यूज होकर सालभर जिस किताब को विद्यार्थी ने पढ़ा, उसे बदलकर वह नई किताब को उठा लेता है। ऐसे विचलित नहीं होना है। हर विषय की एक ही अच्छी किताब पढ़नी है, दूसरी नहीं। इससे कन्फ्यूजन नहीं होगा। समय भी बचेगा।

खुद को रखें खुश
बिना टेंशन परीक्षा तक खुद को खुश रखना चाहिए, क्योंकि ज्यादा टेंशन लेने से कुछ समझ में भी नहीं आएगा और न ही कुछ याद रख पाएंगे। आखिरी वक्त में जो भी आपके सामने है, बस उसे पढ़े और तैयारी करें।

निगेटिव सोच वाले लोगों से दूर रहें
रटने की बजाय कांसेप्ट पर ध्यान रखें। क्योंकि रटी-रटाई चीजें कुछ दिनों बाद इंसान भूल जाता है। महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंडरलाइन करें या उन्हें नोट्स में अलग से लिखें। ताकि रिवीजन के समय आपकी नजर उन बिंदुओं पर जाए। खुद को स्वस्थ रखने के लिए योग-अभ्यास करें, म्यूजिक सुनें और खुश रहें। ऐसा करने से आपके दिमाग में सिर्फ लक्ष्य ही आएगा। निगेटिव सोच वाले लोगों से दूर रहें।

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