उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में टूट गया CM योगी का रिकॉर्ड, इस मामले में आगे निकले रविकिशन

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गोरखपुर। उपचुनाव में हार के बाद हुई किरकिरी से सतर्क हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सीट से अपनी प्रतिष्ठा को क्या जोड़ा, लोगों ने भाजपा के पक्ष में मतदान कर उनका ही रिकार्ड तोड़ दिया।
गोरखपुर के अब तक के चुनावी इतिहास में पहली बार सबसे अधिक मत पाकर भाजपा उम्म्मीद रविकिशन ने रिकार्ड बनाते हुए एक बड़ी जीत दर्ज की है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ा और उम्मीदवार रविकिशन को जिताने के लिए डेरा डाला तो लोगों ने भी उनका साथ दिया और भाजपा की साख को बट्टा नहीं लगाने दिया।
  उल्लेखनीय है कि 2019 के पहले तक हुए 16 आम चुनावों व दो उपचुनावों में गोरखनाथ मंदिर के गुरुओं ने 10 बार जीत दर्ज की थी, लेकिन 1989 से लगातार मंदिर के पास रहने वाली गोरखपुर संसदीय सीट पर इतनी बड़ी विजय किसी को नहीं मिली थी। 1989 में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के चुनाव चिन्ह पर सांसद बनने वाले महंत अवेद्यनाथ ने 1991 में भाजपा से विजयी हुए। फिर 1996 में सांसद चुने गए। इनके राजनीति से सन्यास लेने के बाद उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ ने 1998 में इनकी विरासत को संभाला और लगातार पांच बार सांसद बने।
2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बहुमत मिलने के बाद भाजपा सरकार में आई तो मुख्यमंत्री के पद पर योगी आदित्यनाथ आसीन हुए। योगी मुख्यमंत्री बनने के बाद संसद सदस्य पद से इस्तीफा देने की वजह से खाली हुई इस सीट पर हुए उपचुनाव में सपा ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. संजय निषाद के पुत्र ई. प्रवीण निषाद को चुसपा चुनाव मैदान में उतारा।
प्रवीण निषाद को बसपा और अन्य छोटे दलों का साथ मिला और भाजपा का तीन दशक पुराना किला ढह गया। इस हार के बाद भाजपा की खूब फजीहत हुई थी। उपचुनाव की हार से सबक लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर संसदीय सीट की खुद समीक्षा करनी शुरू की। एक-एक विधानसभा क्षेत्र की रणनीति बनाई। कार्यकर्ता सम्मेलनों में खुद शिरकत कर जीत का टिप्स दिया। जनसभा व नुक्कड़ सभाओं के अलावा हिंदू युवा वाहिनी सहित अपने खास लोगों को पूरे लोकसभा क्षेत्र में लगाया। प्रधानों से सीधे बातचीत कर स्थिति को संभाला। गोरखपुर लोकसभा चुनाव पर नजर रखते हुए वह मंंदिर से ही प्रचार की कमान संभाल ली। इतना ही नहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुराने संबंधों को भी खंगाला और उनसे व्यक्तिगत तौर पर सहयोग मांगा।
योगी ने मेहनत कर रविकिशन से तुड़वाया अपना ही रिकार्ड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर संसदीय चुनाव लड़े तो उनका अधिकत प्राप्त मत 5.39 लाख रहा है। चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी जनसभाओं, बैठकों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने जोर दिया। सबसे अधिक फोकस शहर विधानसभा क्षेत्र पर किया। यह भाजपा का गढ़ माना जाता है। योगी का मानना था कि शहर में मतदान प्रतिशत बढ़ने पर ही भाजपा जीतेगी। इसका परिणाम रहा कि गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र का मतदान प्रतिशत काफी बढ़ा। अन्य विधानसभाओं का भी मतदान प्रतिशत बढ़ गया। रविकिशन 07 लाख 17 हजार 122 मत प्राप्त कर योगी ने रिकार्ड मत 05.39 लाख के पुराने रिकार्ड को धराशाई कर दिया है।
गौरतलब है कि रवि किशन को कुल पड़े मतों का 60.54 प्रतिशत मत मिला है, जबकि गठबंधन प्रत्याशी राम भुआल निषाद को 04 लाख 15 हजार 458 मत मिले। यह प्राप्त मतों का कुल 35.07 प्रतिशत मत ही है। भाजपा इस सीट पर अभी तक सर्वाधिक 5.39 लाख मत प्राप्त कर रिकार्ड कायम किया था, जिसे रविकिशन ने तोड़ दिया है।
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