उत्तर प्रदेशराजनीति

रवि किशन की फंस गई उम्मीदवारी, जौनपुर में ग्रैजुएट थे, गोरखपुर में 12वीं पास

लोकसभा चुनाव में यूपी के गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार रवि किशन की उम्मीदवारी मुश्किल में पड़ गई है. दरअसल गोरखपुर के निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की गई है कि रवि किशन ने लोकसभा चुनावों के नामांकन के दौरान दाखिल हलफनामों में शैक्षिक योग्यता गलत बताई है.

कुशीनगर जिले के रहने वाले संतोष कुमार ने ये शिकायत की है. कहा गया है कि गोरखपुर से नामांकन में रवि किशन ने जो हलफनामा दिया है, उसने अपनी शैक्षिक योग्‍यता इंटरमीडिएट बताई है. जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में जौनपुर से पर्चा भरते समय रवि किशन ने खुद को 1992-93 में रिजवी कॉलेज ऑफ साइंस एंड कॉमर्स, मुंबई से बी.कॉम पास दिखाया था. 2019 के हलफनामे में भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता रवि किशन ने शैक्षिक संस्‍थान का नाम तो वही रखा है, मगर योग्‍यता बी.कॉम की जगह 12वीं बताई है.

बता दें कि भाजपा के कई उम्‍मीदवारों के खिलाफ चुनावी हलफनामे में झूठी जानकारी देने की शिकायतें हैं. केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी पर 2004 से विभिन्न चुनावों में विरोधाभासी जानकारी जमा करने का आरोप है. अमेठी से 2019 में अपने चुनावी हलफनामे में स्‍मृति ने घोषणा की थी कि वे स्‍नातक नहीं हैं. ईरानी ने अपने हलफनामे में कहा था कि उन्होंने 1991 में हाईस्‍कूल परीक्षा पास की थी और 1993 में इंटरमीडिएट परीक्षा पास की थी. जबकि ईरानी ने जब 2004 में दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था तब उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने पत्राचार के जरिए 1996 में आर्ट्स में बैचलर की डिग्री पूरी की थी.

इसके अलावा पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी ने भाजपा उम्मीदवार गौतम गंभीर के खिलाफ दो वोटर कार्ड रखने का मामला दर्ज कराया था. आरोप है कि गंभीर के पास दिल्ली के दो अलग-अलग क्षेत्रों -करोल बाग और राजेंद्र नगर- से दो अलग-अलग वोटर कार्ड हैं.

Back to top button