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करारी हार के बाद दोबारा देखी गई राहुल गांधी की कुंडली, क्या कभी बनेंगे प्रधानमंत्री ?

30 मई को लगातार दूसरी बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. इस लोकसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में एनडीए ने जो रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए काफी लोग कह रहे हैं कि मोदी को हराना किसी के बस की बात नहीं है. इसीलिए हमने ज्योतिष विज्ञान के ज्ञाताओं से ये सवाल किया कि क्या कभी मोदी के मुख्य विपक्षी याने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उनको हरा सकेंगे. सवाल ये भी कि क्या राहुल गांधी की कुंडली में प्रधानमंत्री बनना लिखा है या नहीं?

राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को दोपहर 2 बजकर 28 मिनट पर दिल्ली में हुआ. तुला लग्न और धनु राशि की कुंडली में राहु से पहले उनकी कष्टप्रद मंगल की दशा चल रही थी. अप्रैल 2012 से अप्रैल 2019 तक उनका राजनीतिक सफल प्रभावशाली नहीं रहा. इसी के प्रभाव में लोकसभा चुनाव के अंतिम दौर में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद पार्टी को जीत नहीं दिलवा सके.

ज्योतिषाचार्यों की मानें तो राजनीति में राहुल का गांधी का दौर आना अभी शेष है. अब तक वे पार्टी और परिवार के दबाव में राजनीति करते आए हैं. अब वे एक प्रभावशाली राजनेता के रूप में आगे बढ़ेंगे. राहुल गांधी की वर्तमान में योगकारक राहु की दशा चल रही है. यह अप्रैल 2019 से ही आरंभ हुई है. यह उन्हें अप्रत्याशित घटनाक्रमों से गुजारने के साथ-साथ महत्वपूर्ण सफलताएं भी देगी.

कहा जा सकता है कि भारतीय राजनीति में जल्द ही राहुल गांधी 2,0 देखने को मिल सकता है. विशेषतः वर्ष 2020 में उनका आत्मविश्वास, प्रदर्शन और जनसमर्थन अप्रत्याशित रूप से बढ़ सकता है. कारण, योगकारक राहु का अंक 4 कांग्रेस पार्टी के लिए हितकर भी है. जो 2020 में कांग्रेस के लिए प्रभावशाली समय बना रहा है. राहुल की राहु की महादशा 18 वर्ष रहेगी. 2037 तक इसका प्रभाव रहेगा. इसमें भी 2021 का तक समय विशेष प्रभावशाली है. अर्थात् 2021 तक उनका प्रदर्शन संघर्ष के बावजूद सराहनीय रहेगा.

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