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ओरिजिनल नहीं है राहुल का गेमचेंजर आइडिया, इन 2 विदेशियों की सलाह पर दे रहे सालाना 72 हजार

राहुल गांधी, एंगस डीटन और थॉमस पिकेटी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले देश के सबसे गरीब 20 प्रतिशत परिवारों को सालाना 72,000 रुपए देने का ऐलान किया है. उन्होंने सोमवार को कहा कि कांग्रेस 21वीं सदी में इस देश से गरीबी को हमेशा के लिए मिटाना चाहती है और अगर उनकी सरकार आई तो गरीबों को 6,000 रुपए महीने दिया जाएगा.

कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा गया कि स्कीम के लिए पैसा कहां से आएगा? इस पर उन्होंने कहा, “हम चार-पांच महीने से स्टडी कर रहे हैं. हमने दुनिया के अर्थशास्त्रियों से बात करने के बाद इसे तैयार किया है. हमारे पास सारी कैल्कुलेशन है.”

राहुल गांधी की इस बात को लेकर द प्रिंट ने पार्टी के प्रमुख नेताओं के हवाले से एक खबर छापी है. इसमें बताया गया है कि यह आइडिया असल में साल 2015 के नोबल पुरस्कार विजेता ब्रिटिश इकोनॉमिस्ट एंगस डीटन और फ्रेंच इकोनॉमिस्ट थॉमस पिकेटी का है.

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन्हीं दोनों अर्थशास्‍त्रियों ने राहुल गांधी से यह वायदा करने के लिए कहा है.

फ्रांसीसी मूल के अर्थशास्‍त्री थॉमस पिकेटी ने ‘Capital in the Twenty-First Century’ नाम से एक किताब लिखी है. इसमें उन्होंने औद्योगिक क्रांति से पैदा हुई असमानता को कम करने के बारे में बताया है. कैसे कुछ धनाड्य परिवारों के कब्जे से पूंजी को निकालकर आम लोगों तक पहुंचाया जाए, इस बारे में भी किताब में जानकारी दी गई है.

कहा जा रहा है कि राहुल गांधी न्यूनतम आय योजना को लेकर पिछले कुछ समय से गंभीर थे. उन्होंने इस विषय पर काम करने के लिए कई लोगों को लगा रखा था. इसी दौरान इस किताब के बारे में पता चला और इसके लेखक से संपर्क किया गया.

बताया जा रहा है कि एंगस डीटन भारतीय नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन और ज्यां द्रेज के साथ मिलकर लेखन कर चुके हैं. इन दोनों अर्थशास्‍त्रियों ने राहुल को एंगस से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. बता दें कि अमर्त्य सेन और ज्यां द्रेज पहले सोनिया गांधी की नेशनल एडवाइजरी कॉउंसिल का हिस्सा रहे हैं.

खबर सौजन्य- टीवी9 भारतवर्ष

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