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चौकीदार चोर है : राहुल गांधी को SC की फटकार, खेद जताने से नहीं चलने वाला काम

राफेल विमान सौदे में कथित घोटाले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जिस ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया है, वह उनकी मुश्किलें बढ़ाता दिख रहा है. अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हई, इस दौरान अदालत ने ने राहुल गांधी के खेद जताने के तरीके पर काफी नाराजगी जताई और उन्हें फटकारा. कोर्ट ने राहुल से पूछा कि क्या खेद जताने के लिए 22 पेज का हलफनामा दिया जाता है?

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि ब्रैकेट में खेद जताने का क्या मतलब है. इसके बाद राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने राहुल की तरफ से माफी मांगी. बता दें कि राहुल के इस बयान पर बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने अवमानना की याचिका दाखिल की थी.

चीफ जस्टिस ने राहुल गांधी के वकील से पूछा कि जब हमने अपने फैसले में ये बातें (चौकीदार चोर है) नहीं कहीं तो ऐसा जनता के बीच जाकर क्यों कहा जा रहा है. जस्टिस कौल ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आप अपनी गलती जस्टिफाई कर रहे हैं. जिसपर सिंघवी ने अपनी बात रखने के लिए 10 मिनट मांगे, तो जज ने कहा कि आप 10 नहीं 30 मिनट लें, लेकिन जवाब दें.

कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी बयान देते हैं और अब उसका बचाव कर रहे हैं. कोर्ट ने राहुल के सिंघवी से पूछा, ‘आपने जो कहा, हमने वह कहां कहा था? सिंघवी ने कहा, ‘राहुल गांधी अपनी गलती मानते हैं और इसके लिए माफी मांगते हैं.’ सिंघवी ने माना कि उनके हलफनामे में तीन गलतियां हैं, जिसको वह मानते हैं. उन्होंने कहा कि वह खेद प्रकट करते हैं, जो माफी समान ही है. उन्होंने कहा कि मैं तीन गलतियां मानता हूं, लेकिन हमारा राजनीतिक रुख भी है. सिंघवी बोले कि खेद और माफी समान है, चाहे तो वह डिक्शनरी दिखा सकते हैं. जिसपर अदालत ने कहा है कि उसमें उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.

अब इस मसले पर अगली सुनवाई सोमवार को होगी. अदालत की तरफ से राहुल गांधी को हलफनामा दायर करने के लिए एक और मौका दिया है, लेकिन इस मौक को ऐसा ना समझें कि माफी को स्वीकार कर लिया गया है.

 

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