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Video: सियासत ने इस गरीब परिवार को किया बर्बाद, कलेजा चीर देगी भूखे बच्चों की चीत्कार

राजनीति का क्या है, जबतक अपना काम निकालना है, तबतक आपके साथ. चुनाव बीतने के बाद कैसी जनता और कैसा जनता का दर्द? इसीलिए बड़े-बुजुर्गों ने नसीहत दी है कि सियासत के चक्कर में अपने आपसी रिश्ते कभी खराब नहीं करने चाहिए. लेकिन कुछ लोग फिर भी मानते नहीं. वो अपनी-अपनी पार्टियों के इस हद तक मानसिक गुलाम हो जाते हैं, कि उनको कुछ भी नजर नहीं आता. नतीजा भुगतना पड़ता है पंजाब के तरनतारन के इस गरीब परिवार की तरह बाकी लोगों को.

ये मामला है तरनतारन के गांव झबाल का. इस वीडियो में टूटे हुए चूल्हे के पास भूख से बिलखते बच्चे हैं और औलाद को भूखे देखकर रो रही एक बेबस मां है. दरअसल यहां राजनीतिक रंजिश ने बच्चों के मुंह से रोटी का निवाला तक छीन लिया और घर का सारा सामान तहस-नहस करके रख दिया.

हुआ यूं कि चुनावी रंजिश में अकालियों और कांग्रेसियों में खूनी झड़प हो गई. दोनों गुटों ने इस कदर एक-दूसरे के घर में तोड़ -फोड़ की कि परिवार दो वक्त के खाने से भी वंचित हो गया. कांग्रेस पार्टी से संबंधित परिवार का आरोप है कि कुछ अकालियों ने उनपर हमला करके परिवार के 3 लोगों को घायल कर दिया और घर का सामान भी तोड़ दिया. अब ये परिवार भूख से बिलख रहा है और उनकी मदद करने के लिए कोई भी सियासतदान नजर नहीं आ रहा.

गांववासी इस फसाद के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जो भगौड़ा करार दिए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही. उधर, पुलिस का कहना है कि दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर हमला किया है. लेकिन इन बच्चों के मुंह में निवाला डालने की जिम्मेदारी किसकी है, इस सवाल का जवाब कोई नहीं दे रहा.

 

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