ख़बरराजनीति

प्रचंड जीत के बाद दोबारा देखी गई मोदी की कुंडली, जानिए कबतक अपराजेय रहेंगे प्रधानमंत्री ?

नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. इस लोकसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में एनडीए ने जो रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए काफी लोग कह रहे हैं कि मोदी को हराना किसी के बस की बात नहीं है. इसीलिए हमने ज्योतिष विज्ञान के ज्ञाताओं से ये सवाल किया कि आखिर मोदी कबतक विजयरथ पर सवार रहेंगे, उनके अपराजेय रहने का सिलसिला कब टूटेगा. जानिए मोदी की कुंडली देखकर क्या भविष्यवाणी की गई है.

पीएम नरेंद्र मोदी की वृश्चिक लग्न की कुंडली है और वृश्चिक राशि है. वृश्चिक राशि का चिह्न बिच्छू है. बिच्छू को बहुत संवेदनशील माना जाता है. बिच्छु के बारे में मशहूर है कि ये किसी के आने की आहट पा कर छुप जाता है. यानी ये बात खुद-ब-खुद इस बात को साबित करती नजर आ रही है कि जहां एक तरफ वृश्चिक राशि वाले लोग पूरी गोपनीयता के साथ काम करते हैं. तो वहीं वो अपनी बातों को सबसे साझा करने से भी बचते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मपत्री में मंगल 2022 के बाद काफी ज्यादा को प्रभावी होता नजर आ रहा है. उसकी प्रबलता विरोधियों की सक्रियता का सूचक है. साथ ही साथ नवांश में भी मंगल और बृहस्पति की प्रबलता प्रधानमंत्री के 72 साल की अवस्था के बाद काफी खराब स्थिति का सूचक है, जिसमें विरोधियों की काफी सक्रियता हो जाएगी, जो प्रधानमंत्री की छवि को खराब करने में काफी हद तक सक्षम भी होगी, लेकिन अभी प्रधानमंत्री की जन्मपत्री अपने मजबूती की चरमोत्कर्ष पर हैं और इस समय निरंतर सफलता की ओर बढ़ रही है.

इस वर्ष कुंडली का नवमांश की बात करें तो नवांशा मे दशम घर में गुरु की प्रबल स्थिति तथा यहां भी छठे घर में सूर्य का गुरु से मूल त्रिकोण संबंध बनाते हुए गुरु की प्रबलता को मजबूत करते हुए एक मजबूत शासक की स्थिति दर्शाती है. 17 सितंबर 2019 के बाद प्रधानमंत्री मोदी काफी मजबूत आत्मविश्वास के साथ आक्रामक और अप्रत्याशित फैसले लेंगे जो देश में ऐतिहासिक बदलाव लाएगा. आने वाले दो साल तक यानी सितंबर 2022 तक प्रधानमंत्री जी जनहित के फैसलों के साथ कठोर निर्णय लेंगे, जिससे मूलभूत परिवर्तन देश के नियम-कानून में भी होगा. हालांकि मोदी का यह साहसिक और बोल्ड निर्णय का समय 2022 तक ही चल पाएगा.

कुंडली के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 से 2022 तक काफी सफल एवं लोकप्रिय शासक के रुप मे कार्य करेंगे, लेकिन सितम्बर 2022 के बाद उनका जबरदस्त विरोध होगा. उन पर बहुत सारे आरोप भी लगाए जा सकते हैं. यहां तक कि उन्हें अपनों का अर्थात् पार्टी के भीतर से भी उठे सवालों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में 2022 से 2024 के बीच का समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए शुभ नहीं कहा जाएगा. यह समय उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होगा.

मतलब साफ है, मोदी की कुंडली में ग्रह नक्षत्रों की जो दशा है उसने इस बात का एहसास करा दिया है कि बहुत लम्बे समय तक वो अपराजेय हैं और उन्हें हराना विपक्ष के लिए टेढ़ी खीर होगा.

Back to top button