देश

पीएम मोदी का ये बड़ा सपना है 8 साल से अधूरा, जानिए वजह

PM Narendra Modi dream of developing financial city is incomplete even after eight years

केन्द्र में पांच साल के शासन के बल पर मोदी लहर ने इस लोकसभा चुनाव में सुनामी का रूप ले लिया जिसमें न केवल देश के पश्चिम और उत्तरी भाग बल्कि पूर्वी हिस्से में भी भारतीय जनता पार्टी ने अपने विरोधियों के पैर उखाड़ दिये और लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया।  इस सुनामी का असर इतना व्यापक रहा कि दक्षिण के तीन राज्यों को छोड़कर पूरा देश मोदीमय हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता के आगे एक बार फिर बड़े से बड़े राजनीती दलों की रणनीति और लुभावने वादे धराशायी हो गये और पिछली बार की तरह उसे इस बार भी मुंह की खानी पड़ी। पार्टी करीब एक दर्जन राज्यों में अपना खाता भी नहीं खोल पायी और पचास सीटों के अंदर ही सिमट गयी।

नरेन्द्र मोदी 30 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ केन्द्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य भी शपथ लेंगे।  राष्ट्रपति भवन के अनुसार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 30 मई को शाम 7 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मोदी और मंत्रिपरिषद में उनके सहयोगियों को शपथ दिलायेंगे। इस बीच बताते चले नरेंद्र मोदी भले ही लोकसभा चुनाव जीत गए हों, लेकिन उनका आठ साल पुराना सपना आज भी अधूरा है।

आइए जानते हैं इसके बारे में

 8 से मोदी का अधूरा सपना

बताते चले दरअसल पीएम मोदी ने आज से करीब आठ साल पहले अहमदाबाद के पास नया फाइनेंशियल सिटी बसाने का सपना देखा था। इस फाइनेंशियल सिटी में तमाम सुविधाएं होंगी।  इसके माध्यम से 10 लाख लोगों को रोजगार मिलना था। पीएम का ये सपना अब तक पूरा नहीं हो पाया है और इसे पूरा करना उनके लिए बड़ी चुनौती है। जानकारी के लिए बताते चले  साल 2011 में PM मोदी ने गुजरात में सिंगापुर और दुबई जैसा फाइनेंशियल हब बनाने की नींव रखी थी। उनका ये प्रोजेक्ट अब तक अधुरा है। इस प्रोजेक्ट में 100 से भी ज्यादा ऊंची इमारतें बनाई जानी थी। बता दें कि इस हब को गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी या गिफ्ट सिटी के नाम से जाना जाता है। ये नया शहर अहमदाबाद के पास बसाया जा रहा है।
जानिए अब तक क्यों अधूरा रह गया ये काम

मिली जानकारी के मुताबिक PM मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए टैक्स और नियामक संबंधी छूट भी दी गई। बैंकों और बड़ी फाइनेंश कंपनियों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन कई कोशिशों के बावजूद ये प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो पाया है।इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 6.2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्रफल में बसनी थी, लेकिन अब तक इसका 30 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल ही डवलप हो पाया है। यहां चुनौती वित्तीय निवेश को लेकर आ रही है। हालांकि उम्मीद है कि अपने इस कार्यकाल में पीएम मोदी इस अधूरे सपने को पूरा कर सकेंगे।

Back to top button