राजनीति

‘नीतीश करना चाहते थे महागठबंधन में वापसी, राबड़ी-तेजस्वी ने रोकी दोबारा एंट्री’

महागठबंधन में वापसी पर बोले शरद यादव, 'राबड़ी-तेजस्वी ने रोकी थी नीतीश की दोबारा एंट्री'

लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने राजद से अलग अपना एक मोर्चा बना लिया है. तेजप्रताप यादव ने लालू-राबड़ी मोर्चा नाम से एक अलग मोर्चा बनाने का ऐलान किया है.लालू राबड़ी मोर्चा बिहार में 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगा. गौरतलब है कि तेजप्रताप यादव ने बिहार में अपने दो समर्थकों के लिये लोकसभा की दो सीटें जहानाबाद और शिवहर मांगी थी. शिवहर पर तो अभी फैसला नही हुआ है लेकिन जहानाबाद से राजद ने सुरेंद्र यादव को टिकट दिया है.

इस बीच बताते चले पूर्व केंद्रीय मंत्री और मधेपुरा से राजद के सिंबल पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे शरद यादव ने लालू प्रसाद यादव की किताब में किए खुलासे को सही कहा है. उन्होंने मीडिया  से बात करते हुए कहा कि नीतीश कुमार दोबारा महागठबंधन में शामिल होना चाहते थे, लेकिन लालू परिवार उन्हें स्वीकार करने को तैयार नहीं था.

शरद यादव ने ये भी बताया 

नीतीश न सिर्फ महागठबंधन में आना चाहते थे बल्कि पुराने मंत्रिमंडल जिसमें आरजेडी के साथ कांग्रेस भी थी, उसे दोबारा बहाल भी करना चाहते थे.लेकिन  लालू परिवार उन्हें दोबारा से स्वीकार करने को तैयार नहीं था. राबड़ी देवी और तेजस्वी इसके बिल्कुल खिलाफ थे.

उन्होंने कहा कि नीतीश खेमा भले ही इस सच्चाई को आज स्वीकार न करे, लेकिन इसके लिए  उन्होंने कई बार प्रयास भी किए. शरद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार किसी भी गठबंधन में ज्यादा दिनों तक नहीं टिकते.बता दें  कि नलिन वर्मा के साथ मिलकर लिखी लालू यादव की इस जीवनी  ‘गोपालगंज टु रायसीना: माइ पॉलिटिकल जर्नी’  में लालू ने बताया है कि प्रशांत किशोर यह जताने की कोशिश कर रहे थे कि अगर मैं जेडीयू को लिखित में समर्थन दूं, तो वह बीजेपी से गठबंधन तोड़कर महागठबंधन में दोबारा शामिल हो जाएंगे.

इस किताब में लालू ने यह भी लिखा है कि नीतीश को लेकर मेरे मन में कोई कड़वाहट नहीं है, लेकिन मेरा उन पर से विश्वास पूरी तरह खत्म हो चुका है.

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