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OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए सरकार ने की जारी गाइडलाइंस, जानिए नई पॉलिसी में क्‍या है?

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को सोशल मीडिया, OTT प्लेटफार्म्स और न्यूज वेबसाइट के लिए नई गाइडलाइन जारी की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के एब्यूज और मिसयूज के खिलाफ यूजर्स को अपनी शिकायतों के समय सीमा के भीतर निराकरण के लिए एक फोरम मिलना चाहिए। इसके लिए कंपनियों को एक व्यवस्था बनानी होगी।

सोशल मीडिया कंपनियों को शिकायतें सुनने के लिए एक अधिकारी रखना होगा और उसका नाम भी बताना होगा। इस अफसर को 15 दिन के भीतर शिकायत को दूर करना होगा। अगर शिकायत न्यूडिटी के मामलों में होती है, तो 24 घंटे के भीतर इससे जुड़ा कंटेंट हटाना होगा। अगर आप किसी सोशल मीडिया यूजर के कंटेंट को हटाना है तो उसे आपको उसकी वजह बतानी होगी। गलत कंटेंट पहली बार किसने डाला ये भी बताना होगा।

हिंसा फैलाने वालों को प्रमोट करने वाला प्लेटफार्म बन गया
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “हमारे सामने शिकायत आई थी कि सोशल मीडिया क्रिमिनल, आतंकवादी, हिंसा फैलाने वालों को प्रमोट करने का प्लेटफॉर्म बन गया है। भारत में वॉट्सऐप के यूजर्स 50 करोड़ हैं। फेसबुक के 41 करोड़ यूजर्स हैं, इंस्टाग्राम यूजर्स की संख्या 21 करोड़ और ट्विटर के 1.5 करोड़ यूजर्स हैं। इन सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और फेक न्यूज की शिकायतें आई हैं। ये चिंताजनक बात थी। इसलिए हमारी सरकार ने ऐसे प्लेटफार्म्स के लिए गाइडलाइन तैयार करने का फैसला लिया।’

सोशल मीडिया के लिए ये नियम बनाए गए

  • सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर्स की शिकायतों के लिए एक अधिकारी रखना होगा और इसका नाम भी बताना होगा।
  • इस अफसर को 15 दिन के भीतर शिकायत को सुलझाना होगा। न्यूडिटी के मामलों में अगर शिकायत होती है, तो 24 घंटे के भीतर उस कंटेंट को हटाना होगा।
  • इन कंपनियों को हर महीने एक रिपोर्ट देनी होगी कि कितनी शिकायत आई और उन पर क्या कार्रवाई की गई है। शिकायत पर 24 घंटे के भीतर ध्यान देना होगा और इसे 15 दिन के भीतर सुलझाना होगा।
  • किसी भी अफवाह या गलत कंटेंट को पहली बार किसने डाला, ये पता करना होगा।
  • अगर भारत के बाहर से भी कोई गलत कंटेंट पोस्ट करता है तो आपको ये बताना होगा कि पहली बार ऐसा ट्वीट या कंटेंट किसने डाला है।
  • अगर आप किसी सोशल मीडिया यूजर के कंटेंट को हटाना है तो उसे आपको उसकी वजह बतानी होगी।
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