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बिहार में लगे किस पोस्टर को देख भड़के नीतीश कुमार, गुस्से में कह डाली ये बात….देखें विडियो

पोस्टर-बैनर देख इस कदर भड़के बिहार के सीएम नीतीश, गुस्से में ये क्या कह डाला...

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी अभियान चरम पर है और इस दौरान नेताओ का आरोप-प्रत्यारोप और भाषाई मर्यादाओं का जमकर उल्लंघन भी हो रहा है। ऐसा ही कुछ बिहार में देखने को मिला जहाँ हमेशा अपनी भाषा पर संयम रखने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गुस्सा देखने को मिला।

बताते चले  इस बार गुरुवार को बिहार के मुंगेर संसदीय क्षेत्र के लखीसराय विधानसभा अंतर्गत हलसी प्रखंड मुख्यालय में एक जनसभा में चुनाव प्रचार के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार भी अपने ग़ुस्से पर संयम नहीं रख सके और सभा में शिक्षाकर्मियों को जमकर खरी-खोटी सुना डाली।  नीतीश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि ‘ये वित्त रहित शिक्षा नीति वाला दिखाना है तो कल कांग्रेसिया सब आएगा उसको दिखाना. समझ गए ना, मेरे टाइम की चीज़ नहीं है।’

मामल कुछ ऐसा है कि  बिहार के मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में जब नीतीश कुमार प्रचार करने पहुंचे तो शिक्षाकर्मियों ने अपनी मांगो के समर्थन में पोस्टर-बैनर दिखाकर उनका ध्यान आकर्षित करना चाहा, इस पर नीतीश कुमार मंच से ही उन प्रदर्शनकारियों पर जमकर बरस पड़े।  नीतीश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से गुस्से में कहा कि ‘ये वित्त रहित शिक्षा नीति वाला बैनर और पोस्टर दिखाना है तो कल कांग्रेसिया सब आएगा उसको दिखाना। समझ गए ना, ये सब मेरे टाइम की चीज़ नहीं है।’ इतना ही नहीं नीतीश ने फिर कहा आप सबको क ख ग का ज्ञान नहीं है और बिना मतलब का यहां पोस्टर लेकर आ गए हैं।वित्त रहित क्या है जानते भी हैं आप? मैं यहां बात सुनने आया हूं या काम करने आया हूं और भूल गए हो कि 10 साल पहले भी हम यहां पर आए थे और रात भर रुके थे।

नीतीश कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा 

चुनाव के टाइम में ये सब दिखाया जाता है क्या? ये चुनाव का विषय है क्या? बढ़िया से टांगे हो और सब फ़ोटो लिया है, छापेगा उससे क्या कल्याण हो जाएगा? ये सब बातें बंद कीजिए, मेरे लिए इन सबका कोई मतलब नहीं है। हम जानते हैं कि ये सब प्लानिंग के तहत हो रहा है और ये भी जानते हैं कि क्यों किया जा रहा है?

नीतीश कुमार ने कहा कि इन सब चीजों का कोई महत्व नहीं है। जब बिना किसी के कुछ दिखाए-बताए हमने बिहार में जितना कुछ काम किया वो न तो पति-पत्नि के शासन में हुआ और न किसी और ने ही किया है।

बिहार में 40 सीटें, 7 चरणों में मतदान

11 अप्रैल: जमुई औरंगाबाद, गया, नवादा,
18 अप्रैल: बांका, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर
23 अप्रैल: खगड़िया, झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा,
29 अप्रैल: दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर
6 मई: मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारन, हाजीपुर, सीतामढ़ी,
12 मई: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, , शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सिवान, महाराजगंज, वाल्मीकिनगर
19 मई: नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट, जहानाबाद

लोकसभा चुनाव के परिणाम का दिन: 23 मई 2019 

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