Ankita murder case: दाल-रोटी देगी हत्या के सुराग, पढ़िए 10 बड़ी बात!

देहरादून. उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में 19 साल की अंकिता भंडारी मर्डर केस(Ankita Bhandari Missing and murder Case) को लेकर पब्लिक में जबर्दस्त गुस्सा है। लोग आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने आंदोलित हैं। बता दें कि अंकिता 18-19 सितंबर से गायब थी। 19 सितंबर की सुबह अंकिता की बॉडी SDRF को चीला नहर के पास मिली थी। SIT जब मामले के सबूत जुटाने रिसॉर्ट पहुंची, तो वो काफी अस्तव्यस्त था। तोड़फोड़ के बाद अंकिता का कमरा भी क्षतिग्रस्‍त पड़ा था। टीम को अंकिता के एजुकेशनल डॉक्यूमेंट्स पलंग पर बिखरे मिले। एक कुर्सी पर उसके लिए लाई गई दाल-रोटी रखी गई थी। उसका बैग और कपड़े भी बिखरे मिले।

पढ़िए 10 बड़े पॉइंट्स
1.
अंकिता और उसके दोस्त पुष्प दीप के बीच बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें अंकिता की घटना के दिन अंतिम बार पुष्प से फोन पर बात हुई थी। पुष्प जम्मू में नौकरी करता है। रात को करीब 8.30 बजे अंकिता ने फोन पर पुष्प को बताया कि वह फंस गई। तब पुष्प ने कहा था कि वो अगले दिन किसी को भेजकर उसे घर तक ड्राप कर देगा। घटना वाले दिन अंकिता की पुलकित और मैनेजर अंकित गुप्ता से बहस हुई थी। तब अंकिता चिल्ला और रो रही थी। उस समय पूर स्टाफ वहां मौजूद था।

2. अंकिता भंडारी हत्याकांड से पूरे उत्तराखंड में गुस्सा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुमाऊं से 47 लड़कियां गायब हैं। 88 प्रतिशत अंक के साथ इंटर पास करने वाली अंकिता के मामले ने लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कुमाऊं डिविजन के 6 जिलों से पिछले 3 साल में 278 लड़कियां गायब हुईं। इनमें से 241 मिलीं, लेकिन बाकियों का अब तक पता नहीं चला है। लड़कियों की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार ऑपरेशन स्माइल चलाती है, लेकिन इसकी गंभीरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

3. इस मामले में सबूत मिटाने की बात भी सामने आई है। रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने और समीप की फैक्ट्री में आग लगाने की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। अंकिता और पुलकित के मोबाइल भी अहम साक्ष्य थे, लेकिन आरोपियों ने दोनों नहर में फेंक दिए थे। लिहाजा एसआइटी के लिए आरोपितों के विरुद्ध पर्याप्त सबूत जुटाना टेड़ी खीर हो गया है। माना जा रहा है कि घटनास्थल पर अंकिता और पुलकित के बीच जब झगड़ा हुआ, तब मोबाइल नहर में फेंके गए।

4. SIT को CCTV  फुटेज से उम्मीद थी, लेकिन ऐसा होते नहीं दिख रहा। अंकिता को जिस नहर में फेंका गया था, उससे 6 किलोमीटर पहले वो और तीनों आरोपी CCTV कैमरे में जाते दिखे थे।पुलकित की बाइक पर अंकिता पीछे बैठी थी। हालांकि आगे जंगली इलाका है, इसलिए वहां कोई CCTV कैमरे नहीं हैं। रिसॉर्ट में भी एक भी सीसीटीवी कैमरा चालू नहीं मिला।

5. अंकिता हत्याकांड की जांच के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम-SIT ने DIG पी. रेणुका देवी की देखरेख में रिसॉर्ट और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एसआइटी अब अंकिता के परिजनों और दोस्तों से जानकारियां जुटाएगी। रिसॉर्ट के स्टाफ के बयान भी दर्ज होंगे।

6. अंकिता भंडारी हत्याकांड को उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता से लिया है। उहोंने दो टूक कहा है कि कोई भी अपराधी बचेगा नहीं, चाहे मामला विकास का हो या अवैध निर्माण का। धामी ने साफ कहा कि उत्तराखंड में ऐसा समय आ गया, जहां धड़ाधड़ निर्णय होंगे। उनमें किसी तरह की रुकावट नहीं आ पाएगी। रविवार को खटीमा से लौटते समय देहरादून के जीटीसी हेलीपैड पर मीडिया कर्मियों से बात करते हुए धामी ने कहा कि अंकिता हत्या मामले की जांच में कोई कोताही व ढील नहीं बरती जाएगी। एसआईटी अपना काम कर रही है।

7. इस मामले का मुख्य आरोपी भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य है। वो एक रिसॉर्ट चलाता है। जांच में सामने आया है कि रिसॉर्ट में देह व्यापार चलता था। आरोप अंकिता पर भी कस्टमर्स के साथ फिजिकल रिलेशन के लिए दवाब बना रहा था। जब अंकिता ने मना किया, तो पुलकित ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसे पहाड़ी से गंगा नदी में धक्का दे दिया। मामला सुर्खियों में आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर शुक्रवार रात रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला दिया गया। इससे पहले गुस्साए लोगों ने रिसॉर्ट में तोड़फोड़ की थी।

8. अंकिता भंडारी के मर्डर के बाद लोगों में काफी गुस्सा था। यही वजह थी कि घरवाले भी अंकिता का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं थे। अंकिता के गृह नगर श्रीनगर में भारी भीड़ ने उसकी फोटो लेकर विरोध-प्रदर्शन किया।  हालांकि, प्रशासन के काफी समझाने के बाद अंकिता के घरवालों ने रविवार को बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया।

9. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अंकिता की मौत पानी में डूबने से हुई। हालांकि, धक्का देने से पहले उसके साथ मारपीट भी की गई थी। अंकिता के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। लेकिन पीएम रिपोर्ट में सेक्शुअल एब्यूज या रेप की बात नहीं है।

10. अंकिता के परिजनों ने सरकार के सामने तीन मांगें रखी हैं। अंकिता के गांव श्रीकोट से करीब 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित श्रीनगर में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई घंटों जाम के दौरान लोगों ने सरकार से अंकिता के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और आरोपियों को फांसी देनी की मांग की है।