सेनेटरी पैड से हो सकता है कैंसर! पीरियड्स के दौरान 8 बातों का जरूर रखें ख्याल

क्या आप जानतीं हैं कि गलत सैनिटरी पैड के इस्तेमाल से कैंसर हो सकता है, जी हां, ये सही है.सैनिटरी पैड को लेकर एक रिसर्च की गई है. इसमें भारत में 10 ब्रांड के सैनिटरी नैपकिन का परीक्षण किया गया. रिसर्च में यह पाया गया है कि पैड के लचीलेपन और सुगंध को बनाए रखने के इनको बनाते समय जहरीले केमिकल डाले जाते हैं. जिनसे कैंसर होने का खतरा रहता है. पीरियड्स के दौरान महिलाएं पैड का इस्तेमाल करती हैं और ये खतरनाक केमिकल उनकी स्किन के संपर्क में आते हैं. जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

रिसर्र के मुताबिक, भारत में लगभग 64 प्रतिशत महिलाएं सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं. 15 से 24 वर्ष की 50 प्रतिशत लड़कियां अभी भी पीरियड्स के दौरान कपड़ों का इस्तेमाल करती हैं. इतना ही नहीं, देश में 71 प्रतिशत महिलाओं को मासिक धर्म ( पीरियड्स) के दौरान बरतने वाले हाइजीन के बारे में जानकारी नहीं है. शोध में कहा गया है कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का पालन न करने से महिलाओं में कई बीमारियां हो सकती हैं. मासिक धर्म के दौरान, महिलाओं के प्राइवेट पार्ट का पीएच स्तर बदल जाता है. इससे बैक्टीरियल संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है. मासिक धर्म के दौरान कुछ नियमों का पालन करके, महिलाएं खुद को कई स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रख सकती हैं.

पीरियड्स के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

1.मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए.

2.सैनिटरी पैड का उपयोग करते हुए, आपको इसे तीन से चार घंटे के अंतराल पर बदलना होगा.

3.यदि आप टैम्पोन का उपयोग करती हैं तो भी आपको इस चरण का पालन करना चाहिए

4.लंबे समय तक एक ही सैनिटरी नैपकिन का उपयोग करने से संक्रमण का खतरा पैदा होता है.

5. सैनिटरी पैड बदलने के साथ अंडरवियर बदलें.

6.कॉटन से बने अंडरवियर पहनें और ढीले कपड़े पहनें

7.प्राइवेट पार्ट और उसके आसपास की जगह को हमेशा साफ रखें.

8. साफ-सफाई के लिए किसी प्रोडक्ट को इस्मेाल न करें केवल साफी पानी का उपयोग भी अच्छा है

खुशबू वाले पैड से हो सकता है नुकसान

सैनिटरी पैड में खुशबू बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रासायनिक उत्पाद कैंसर के वाहक होते हैं. जहां नए शोध में यह जानकारी सामने आती है, वहीं डॉक्टर शुरू से ही इसके बारे में जागरूक करते रहे हैं. सुगंधित सैनिटरी पैड महिला शरीर के लिए कभी भी सुरक्षित नहीं होते हैं. ऐसे में इस बात का ध्यान रखें कि अगर कोई इंफेक्शन हो गया है या एलर्जी हो रही हैं तो इसे नजरअंदाज न करें और ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टरों से सलाह लें.

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