अयोध्या: रामलला के लिए और जमीन खरीदेगा मंदिर ट्रस्ट, ये है कारण

Ram Mandir 1

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से हो रहा है. इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 100 एकड़ के मंदिर परिसर को 108 एकड़ में करने के लिए आसपास के भवनों को खरीदने की तैयारी कर ली है. 9 नवंबर 2019 को सुप्रीमकोर्ट के आदेश के साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मंदिर और उससे जुड़े निर्माण के लिए 67.77 एकड़ से कुछ अधिक भूमि प्राप्त हुई. ट्रस्ट को इसके बाद मंदिर को और ज्यादा भव्य बनाने के लिए अधिक भूमि की आवश्यकता हुई और इसी आवश्यकता के अनुरूप तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पिछले ढाई सालों से परिसर को विस्तार देने में लगा है.

1989 में श्री राममंदिर का सबसे पहला शिलान्यास करने वाले कामेश्वर चौपाल के मुताबिक मंदिर निर्माण के लिए अभी जो जमीन मिली है उसे 108 एकड़ तक बढ़ाया जाएगा, क्योंकि हिंदू समाज का पवित्रतम अंक 108 माना गया है. इस पर ट्रस्ट के सदस्यों की बीच सहमति बन चुकी है. इसके साथ ये भी तय हुआ है कि परिक्रमा के लिए 6 एकड़ परिधि में मंदिर का परकोटा बनना था अब वह 8 एकड़ में बनेगा. हालांकि उन्होंने साफ किया कि इसके लिए किसी को दबाया या प्रताड़ित नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके भीतर राष्ट्र का भाव और स्वाभिमान का भाव जागृत करके किया जाएगा.

मंदिर का परकोटा एरिया 6 से बढ़कर हुआ 8

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि जब समर्पण का भाव मन में होता है अर्पण करने का भाव मन में होता है तो सीमाएं नहीं होती. हमारी और अधिकांश ट्रस्ट के सदस्यों की आकांक्षा है कि हिंदू समाज का पवित्रतम अंक 108 माना गया है. हमारे पास अभी जो भूमि उपलब्ध है वो 108 एकड़ भूमि की जाए. इसके लिए हम लोग प्रयास करते रहेंगे. उस प्रयास में विनय ही रहेगा उसमें किसी को दबाने, या किसी को सताने या प्रताड़ित करने का भाव नहीं रहेगा.

भगवान के मंदिर की भव्यता होनी चाहिए

श्री राम मंदिर के चारों ओर जो एक किलोमीटर लंबाई में परकोटा बनाया जा रहा है. जो 6 एकड़ भूमि में बन रहा था अब वह अब बढ़ाकर 8 एकड़ भूमि की परिधि में बनेगा. परकोटे की इस परिपथ में विध्नहर्ता गणेश जी, माता सीता, जटायु, निषाद राज, शबरी सहित रामायण से संबंधित पात्रों के भी मंदिर बनेंगे. कामेश्वर चौपाल ने कहा कि देश का एक मनोभाव आया कि भगवान के मंदिर की भव्यता होनी चाहिए. संतो का भी सुझाव था तो हम लोगों ने उनके सुझाव को माना. मंदिर की लंबाई चौड़ाई ऊंचाई सब बढ़ गई. अब उसी तरह से मंदिर का जो परकोटा एरिया है वो पहले 6 एकड़ था लेकिन अब 8 एकड़ में जाएगा.