यूपी में लौट आया कोरोना, डॉक्टर्स होने लगे संक्रमित, 165% फीसदी बढ़े केस

उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामलों में अचानक से तेजी आई है। रक्षाबंधन से शुरू हुए इस फेस्टिव सीजन में लगातार पॉजिटिव केस में इजाफा हुआ है। महज 15 दिन के भीतर एक्टिव केस की संख्या 3100 से बढ़कर 5500 के पार जा पहुंची हैं। यानी 165% का इजाफा।

कोरोना के मामलों में आई इस तेजी का सबसे डराने वाला पहलू यह है कि एक बार फिर से डॉक्टर संक्रमित होना शुरु हो चुके। दूसरी लहर की शुरुआत में भी सबसे पहले डॉक्टरों से ही कोरोना की शुरुआत हुई थी। प्रदेश में सबसे ज्यादा केस लखनऊ से आ रहे हैं। यहां सोमवार को भी 157 नए मामलें रिपोर्ट हुए।

लोकबंधु के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक संक्रमित, सिविल के डॉक्टर भी संक्रमित

लखनऊ के लोक बंधु अस्पताल राज नारायण लोक बंधु संयुक्त अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके सक्सेना की कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।शनिवार को दिन में वे अस्पताल रहे। हालांकि एक दिन पहले से ही उन्हें बुखार आ रहा था और उन्होंने जांच के लिए सैंपल भेजा था। उनके अलावा अस्पताल में एक अटेंडेंट की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई हैं। लोकबंधु के आइसोलेशन वार्ड में फिलहाल 5 कोविड पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं।

वही सिविल अस्पताल में भी 7 संक्रमित मरीज अस्पताल में भर्ती है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.जावेद की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। फिलहाल वह आइसोलेशन में हैं। इसके अलावा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में करीब 7 मरीजों का इलाज चल रहा है।

राजधानी के शहरी इलाके में सबसे ज्यादा संक्रमित

लखनऊ के शहरी इलाकों कोरोना ने वापस से पैर पसारना शुरु किया हैं। आलमबाग और अलीगंज में ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। सोमवार को आई रिपोर्ट में आलमबाग में 41 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। कैसरबाग में 17 लोग संक्रमित मिले हैं। चिनहट में 28, अलीगंज में 24 लोग संक्रमित मिले हैं। सरोजनीनगर में सात लोग पॉजिटिव मिले हैं। एनके रोड में 15 और सिलवर जुबली में 10 लोगों में वायरस पाए गए हैं। गोसाईगंज और इंदिरानगर दोनों ही जगह 4 संक्रमित मिले हैं।

एक्सपर्ट्स प्रोटोकॉल पालन करने पर दे रहे जोर

KGMU के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि फेस्टिव सीजन के नजदीक आते ही यूपी में कोरोना का खतरा गहराने लगा था। केस बढ़ रहे हैं इसीलिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना बेहद जरूरी हैं। आने वाला अगले एक महीने तक बेहद सतर्कता बरतने की जरूरत है। हल्की सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इस बार बीते 2 वर्षों से ज्यादा अलर्ट होने की जरूरत है। कोरोना के साथ ही अब मंकीपॉक्स का भी खतरा मंडरा रहा हैं।

बरतें यह सावधानी –

– अच्छी तरह से फिट होने वाला ट्रिपल लेयर मास्क मास्क पहनें,

– बुखार, सिर व बदन दर्द हो तो मरीज को अलग कमरे में आइसोलेट करें,

– अलग बाथरूम का उपयोग करें या हर उपयोग के बाद अच्छी तरह साफ करें,

– मरीज के बर्तन, चादर आदि को छूने के बाद हाथ को साबुन-पानी से धुलें,

– सतहों को कीटाणुनाशक से अच्छी तरह से साफ करें- अलग बर्तन, तौलिये और बिस्तर का प्रयोग करें,

– वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां खुली रखें,

– दूसरों से उचित शारीरिक दूरी बनाकर रखें