यूपी की शर्मनाक खबरः शिक्षक ने शौचालय में बंद किया दलित छात्र, बताया- रोटी भी.. 

औरैया में एक दलित छात्र को शिक्षक ने शौचालय में बंद कर दिया। लगभग 18 घंटे तक छात्र शौचालय में ही बंद रहा। अगले दिन सुबह स्कूल पहुंचे शिक्षकों ने दरवाजा खोला तो बच्चा बाहर निकला। घर पहुंचकर बच्चे ने परिजनों को आपबीती सुनाई। मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने FIR दर्ज होने के बाद रविवार को आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया।

मामला बिधूना के उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरौली शिव का है। गांव पुर्वा दुजे का रहने वाला 11 साल का छात्र इसी स्कूल में कक्षा 6 में पढ़ता है। छात्र के पिता ने बताया, “5 अगस्त शुक्रवार को बेटा पढ़ने गया था। स्कूल की छुट्‌टी के बाद वह घर नहीं लौटा। जब काफी देर तक वह नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू हुई। रातभर गांव-रिश्तेदारी में पता किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला।”

पिता ने बताया, “6 अगस्त की सुबह 8 बजे स्कूल खुलने पर शिक्षक पहुंचे। कमरों समेत शौचालय का भी ताला खोला गया। इस दौरान बेटा शौचालय से बाहर निकला। बदहवास हालत में दौड़ता हुआ घर पहुंचा। स्कूल के आस-पास कोई घर नहीं है। इससे उनके बेटे की आवाज कोई सुन नहीं पाया और वह 18 घंटे तक शौचालय में ही पड़ा रहा।”

पिता ने कहा कि पूछने पर बेटे ने बताया, “मैं छुट्‌टी के बाद घर आ रहा था। शिक्षक विजय कुशवाहा ने मुझे रोक लिया। घर नहीं आने दिया। दोपहर 2 बजे शौचालय में ढकेल कर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद ताला भी लगा दिया। सब लोग जा चुके थे। मैं रातभर मदद के लिए चीखता-चिल्लाता रहा।”

पिता ने बताया, “बेटे ने कहा कि शिक्षक की आदत ठीक नहीं है। वह स्कूल में सभी दलित बच्चों के साथ गलत व्यवहार करते हैं। मिल-डे-मील में बनी रोटियों को फेंककर देते हैं। सब्जी दोबारा मांगने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।” इसके बाद परिजनों ने गांव के लोगों साथ स्कूल पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया।

इस पर संज्ञान लेते हुए सीओ महेन्द्र प्रताप सिंह खुद गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों से तहरीर ली। इसके बाद रविवार को आरोपी शिक्षक को पकड़ लिया। सीओ महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि बच्चे के परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। शिक्षक के खिलाफ एससी-एसटी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ चल रही है।”