‘दृश्यम’ देख मर्डरः जो कुछ फिल्म में देखा, असल जिंदगी में हूबहू वो ही किया!

मेटल बिजनेसमैन के मर्डर में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। मर्डर के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने बताया कि सब कुछ प्लान बनाकर किया गया। बॉलीवुड स्टार अजय देवगन की मूवी दृश्यम के प्लॉट पर व्यापारी को मारकर उसके शव को ठिकाने लगाया गया, लेकिन एक चूक ने आरोपियों को पुलिस के फंदे तक पहुंचा दिया।

दरअसल, दस अगस्त को अलवर के बिजनेसमैन मंगत अरोड़ा पुराने बकाया की वसूली के लिए रेवाड़ी गए थे। यहां स्क्रैप कारोबारी अंकित भालिया ने दो साथियों के साथ मिलकर मंगत का मर्डर कर लाश गोदाम में गाड़ दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पूरे एक महीने पहले ही अपने गोदाम में व्यापारी के साइज का गड्‌ढा खोदकर रखा गया था।

इससे पहले आरोपी व्यापारी को रेवाड़ी शहर में इधर-उधर घुमाते रहे। ताकि सीसीटीवी को शो कर कह सके व्यापारी आया और चला गया।

3 लाख की सुपारी दी थी मर्डर के लिए
रेवाड़ी सदर थाने के एएसआई मनीष ने बताया कि अंकित ने मंगत (50) के मर्डर की साजिश 1 महीना पहले ही रच ली थी। घटना से 30 दिन पहले अपने गोदाम में 4 फीट गहरा गड्‌ढा खुदवा लिया था। उसने अपने दो साथियों रेवाड़ी निवासी दीपक उर्फ दीपू और रिश्तेदार मनोज को 3 लाख रुपए की सुपारी भी दे दी थी।

मनोज, अंकित का रिश्तेदार है और रेवाड़ी में ही उसके साथ स्कैप का काम करता था। वहीं, दीपक को अंकित ने 1 लाख रुपए और स्कैप का काम शुरू कराने का लालच साजिश में शामिल किया था।

35 लाख रुपए बकाया था
रेवाड़ी के स्क्रैप व्यापारी अंकित भालिया पर मंगत का करीब 35 लाख रुपया बकाया था। जिसे अंकित लगातार टाल रहा था। 7 अगस्त को अंकित से मंगत की बात हुई थी तो उसने दो-तीन दिन बाद बुलाया था। इसीलिए मंगत 10 अगस्त को रेवाड़ी के लिए निकला।

10 अगस्त को दोपहर 12 बजे अंकित के रेवाड़ी के दिल्ली रोड स्थित गोदाम पहुंचे मंगत का तीनों ने मिलकर मर्डर किया। अंकित और मनोज ने मंगत को बातों में लगाया और दीपक ने पीछे से तार से उसका गला घोंट दिया।

मर्डर के बाद मंगत की बाइक दीपक ने रेवाड़ी से करीब 70 किलोमीटर दूर तावड़ू में लावारिस खड़ी कर दी। लौटते वक्त उसने गुरुग्राम के बिलासपुर में खड़े एक कंटेनर के पिछले हिस्से में मोबाइल छुपाकर रख दिया। उधर दोपहर 2 बजे तक मंगत की कोई सूचना नहीं मिली तो उसके बेटे दीपक अरोड़ा ने अलवर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी।

पुलिस को भटकाने के लिए मोबाइल कंटेनर में छुपाया

आरोपियों ने सोचा था कि पुलिस बाइक व मोबाइल की लोकेशन लेकर भटकती रहेगी। पुलिस अंकित के पास पहुंची तो उसने कहा कि मंगत अरोड़ा 12 लाख रुपए लेकर यहां चला गया। पुलिस को उसके सीसीटीवी भी मिल गए। लेकिन अंकित बच नहीं पाया। 14 अगस्त की रात कंटेनर के ड्राइवर अलवर के लादिया निवासी धर्मा को मंगत का स्विच्ड ऑफ किया हुआ मोबाइल मिल गया।

धर्मा अलवर का रहने वाला है। रक्षाबंधन के त्योहार के चलते बिलासपुर में कंटेनर खड़ा कर वह अलवर आ गया था। 13 अगस्त को वह वापस बिलासपुर पहुंचा और आस-पास के इलाके में माल-ढुलाई की। 14 अगस्त दोपहर 2.30 बजे धर्मा को कंटेनर के सीएमजी सिस्टम में गड़बड़ लगी। नीचे उतर कर पिछला हिस्सा चेक कर रहा था। इस दौरान वह मोबाइल मिला।

कॉल डिटेल से खुलासा
धर्मा ने बताया कि 14 अगस्त की रात 9.30 बजे मंगत अरोड़ा के दोस्त बंटी सरदार ने कॉल किया। धर्मा ने फोन उठाया। बताया कि मोबाइल कंटेनर में रखा था। मंगत का दोस्त बंटी सरदार सहित कई लोग बिलासपुर (गुरुग्राम) पहुंच गए।

कॉल की डिटेल निकाली तो अंकित ने मंगत से कहा था कि गोदाम पर मनोज और दीपक हैं। आपके नाश्ते पानी की व्यवस्था कर दी है। नाश्ता करें। कॉल रिकॉर्ड में अंकित का झूठ पकड़ आ गया। क्योंकि उसने कहा था कि मंगत उसके घर से 11 बजे ही 12 लाख रुपए लेकर निकल गया था। मनोज व दीपक का कॉल में जिक्र हुआ तो पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।

तब तक अंकित भालिया लुधियाना फरार हो गया था। मनोज व दीपक से रेवाड़ी पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने मर्डर की बात कबूल कर ली। 15 अगस्त को अंकित भालिया को भी लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया गया।