जिस राज्य को आजतक नहीं जीत सकी बीजेपी, वो ही है अमित शाह का अगला टार्गेट

गृह मंत्री अमित शाह 8 अगस्त को ओडिशा में थे। वे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत अलग-अलग जगहों पर जा रहे हैं, लेकिन ओडिशा दौरा कुछ खास है। प्रदेश में पिछले 22 साल से बीजू जनता दल (BJD) के नवीन पटनायक मुख्यमंत्री है। भाजपा ने उनके गढ़ को भेदने की तैयारी शुरू कर दी है। अमित शाह ने इसका खाका भी तैयार कर लिया है।

भुवनेश्वर में अमित शाह ने गुजरात मॉडल की कामयाबी के किस्से सुनाए और ओडिशा के मयूरभंज जिले का जिक्र किया। मयूरभंज पिछले महीने राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू का जिला है। देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति से जुड़े होने की वजह से मयूरभंज चर्चा में आ गया। शाह ने कहा कि इस जिले के ज्यादातर घरों में टॉयलेट नहीं हैं। इससे महिलाओं को बाहर जाना पड़ता है। इससे उनके सम्मान को ठेस लगती है।

मयूरभंज द्रौपदी मुर्मू का जिला, इसलिए इसका जिक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मयूरभंज जिले के गांव उपरवाड़ा में पैदा हुईं और इसी जिले के गांव पहाड़पुर में उनकी शादी हुई। उनकी कर्मभूमि भी यहां की तहसील रायरंगपुर रही। शाह के साथ मौजूद रहे एक भाजपा विधायक ने कहा कि मयूरभंज जिले का जिक्र करना हमारा अधिकार है। हमने देश को पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति दी है। ओडिशा के लोग इसे जरूर याद रखेंगे। विधायक की इस बात से जाहिर हो गया कि गृह मंत्री ने ओडिशा के दूसरे जिलों को छोड़कर मयूरभंज का नाम यूं नहीं लिया।

राज्य में 2024 में विधानसभा और लोकसभा चुनाव होंगे
गृह मंत्री अमित शाह की बैठक के लिए भाजपा के सांसद, विधायकों, प्रांतीय मुखिया और 2019 में विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशियों को बुलाया गया। बैठक में शामिल एक विधायक ने बताया कि 2024 में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं को आधार बनाकर ठोस प्लानिंग की गई। सभी को इसे एक महीने में जमीन पर उतारने का आदेश मिला है।

बैठक में मौजूद सूत्र के मुताबिक, प्लानिंग के लिए 3 आधार तय हुए-

1. पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी एक्टिव हो जाएं
विधानसभा या लोकसभा चुनाव में 5 हजार से कम वोट से हारे प्रत्याशियों से कहा गया कि वे अभी से एक्टिव हो जाएं। लोगों के बीच जाकर इस अंतर को भरने के लिए काम करें। पिछले लोकसभा चुनाव में 11 प्रत्याशी 5 हजार से कम अंतर से हारे थे। पार्टी के 10 विधायकों की जीत का अंतर भी 5 हजार से कम वोट का था। इन विधायकों को भी आक्रामक रवैया अपनाने के लिए कहा गया है।

2. माइक्रो लेवल के मुद्दों की लिस्ट तैयार करें
बैठक में गृह मंत्री ने सतही मुद्दों की जगह पंचायत लेवल के मुद्दों की लिस्ट तैयार करने के लिए कहा। मोटे स्तर पर धान की खरीद सरकारी रेट पर न होना और बेरोजगारी यहां बड़ा मुद्दा है। सांसदों, विधायकों, प्रांतीय कार्यकर्ताओं और खास तौर पर 2019 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशियों को पंचायतों में जाने के लिए कहा गया है।

3. द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाने का मुद्दा भुनाना
बैठक में राष्ट्रपति मुर्मू का नाम सीधे तौर पर प्रचार में शामिल न करने, लेकिन राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल करने पर बात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव प्रमोद कुमार मिश्रा ओडिशा के संभलपुर और RBI के मौजूदा चेयरमैन भुवनेश्वर से हैं। सूत्र के मुताबिक, इन सभी नामों को बतौर ब्रांड बनाने के लिए योजना बनाई जाएगी।

भुवनेश्वर में खाका खींचा, पुरी में 3 दिन मंथन होगा
गृह मंत्री ने दो घंटे की बैठक में मिशन ओडिशा-2024 का खाका तैयार किया। इस पर एक महीने में काम भी शुरू हो जाएगा। सूत्र के मुताबिक, इसी महीने के आखिर तक पुरी में स्टेट लीडरशिप की 3 दिन की बैठक होने वाली है। इस बैठक में गृह मंत्री के निर्देशों के हिसाब से 2024 में होने वाले दोनों चुनावों के लिए रणनीति पर मंथन किया जाएगा।

पिछले चुनाव में BJD को 112 सीटें, भाजपा को सिर्फ 23
2000 से ओडिशा में शासन कर रहे नवीन पटनायक ‘ब्रांड’ बन चुके हैं। राष्ट्रपति चुनाव में उनकी पार्टी ने NDA कैंडिडेट द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था। पटनायक के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे रिश्ते हैं। हालांकि, प्रदेश में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती भी नवीन पटनायक ही हैं।

सीटों के मामले में भाजपा BJD के आसपास भी नहीं हैं। राज्य में कुल 146 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में नवीन पटनायक की पार्टी को 112 पर जीत मिली थी। भाजपा ने 23 और कांग्रेस को 9 सीटें जीती थीं। लोकसभा की 21 सीटों में भी BJD ने 12 सीटें जीतीं थीं।