कन्नौजः बेटे की कब्र की रखवाली कर रहा पिता, जानें क्यों है शव चोरी होने का अंदेशा

कन्नौज के छिबरामऊ कोतवाली के पश्चिमी मढ़ैया गांव निवासी दिव्यांग जहांगीर के 14 वर्षीय बेटे दिलशाद की स्कूल में टीचरों ने जमकर पीटा था। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। छिबरामऊ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया तो हालत गम्भीर देख डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया था। जहां दो दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

छात्र की मौत हुई तो आरोपी पक्ष ने कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस को साधना शुरू कर दिया।पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय जांच करने की बात कहकर दिव्यांग पिता को टरका दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र की मौत बीमारी से दर्शा दी गई। बेटे को खोने वाले पिता ने जब पुलिस के रवैये और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खेल होने की बात कहने के लिए मुंह खोला तो पुलिस कर्मी जहांगीर को धमकी देने के लिए उसके बेटे की कब्र पर पहुंच गए। शिकायत करने के लिए जहांगीर डीएम कार्यालय जाने को घर से निकले तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें घेरने का प्रयास किया।

पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन देकर टरकाया
किसी प्रकार वह बच कर डीएम एसके शुक्ला और पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के पास तक पहुंच गए। जहां पीड़ित पिता ने न्याय पाने के लिए पैनल से दोबारा बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन यहां से भी उन्हें आश्वासन देकर टरका दिया गया।

कब्र की रखवाली करते मृतक बच्चे के परिजन।
कब्र की रखवाली करते मृतक बच्चे के परिजन।

पिता का आरोप पुलिस कार्रवाई में कर रही आनाकानी
कब्र से आरोपी शव गायब न करवा दें इसलिए पिता रखवाली कर रहा है। जहांगीर को शक है कि जिस प्रकार पुलिस कार्रवाई में आनाकानी कर रही है और प्रशासन दोबारा पोस्टमार्टम कराने में हीलाहवाली बरत रहा है। कहीं उसका फायदा उठाकर आरोपी गण उनके बेटे का शव ही कब्र से गायब न करवा दें।

पिता बोला नहीं हो रही सुनवाई
इसी आशंका के चलते अपने परिजनों के साथ जहांगीर दिन रात बेटे की कब्र की रखवाली कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपी पैसे वाले हैं, यही वजह है कि बेटा खोने के बाद भी उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। जहांगीर को न्याय की आस तो नहीं है, लेकिन उनका कहना है कि वह आखिरी दम तक न्याय के लिए लड़ाई जरूर लड़ेंगे।